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नेफेड के जिला प्रबंधक समेत चार पर रिपोर्ट दर्ज

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लखीमपुर खीरी। फूलबेहड़ क्षेत्र के गांव दाउदपुर में खोले गए राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) के क्रय केंद्र पर दिए गए चार किसानों के 563 क्विंटल गेहूं का गबन करने के आरोप में जिला प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा और केंद्र प्रभारी समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। चारों किसानों ने भुगतान न मिलने पर एडीएम से शिकायत की थी, जिसके बाद हुई जांच में गबन की पुष्टि हुई थी।
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यह मामला वर्ष 2018-19 का है। नेफेड ने दाउदपुर में गेहूं क्रय केंद्र पर इसी गांव के मुश्ताक खां को केंद्र प्रभारी बनाया था, जिसके बाद अचानक तीन मई 2019 को क्रय केंद्र बंद करने सूचना जिला प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय को दी थी। इसके बाद 27 अगस्त 2019 को चार किसानों ने एडीएम को शिकायती पत्र देकर बताया कि नेफेड के क्रय केंद्र पर चार मई से आठ मई तक गेहूं बेचा था, जिसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। शिकायत करने वालों में शामिल फूलबेहड़ के गांव सिसौरा निवासी किसान कल्पना मिश्रा ने 115 क्विंटल, राकेश कुमार ने 209, विक्रम मिश्रा ने 194 और मीना देवी पत्नी राकेश कुमार ने 45 क्विंटल गेहूं बेचा था। कुल 563 क्विंटल इस गेहूं की कीमत 10 लाख 58 हजार 440 रुपये थी। इन किसानों ने बताया कि क्रय केंद्र प्रभारी और जिला प्रबंधक भुगतान न करके कई महीनों से टरका रहे हैैं। शिकायत पर एआरओ (क्षेत्रीय विपणन अधिकारी) प्रमोद कुमार गुप्ता ने जांच की तो आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद गुप्ता ने जिला प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा, केंद्र प्रभारी मुश्ताक खां, व शोभित मिश्रा के अलावा एक अन्य बघ्घे नामक व्यक्ति के खिलाफ फूलबेहड़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
ऑफलाइन खरीद कर गेहूं हड़पा
इस बार पूरी तरह ऑनलाइन गेहूं खरीद की गई, लेकिन दाउदपुर में खुले नेफेड के क्रय केंद्र पर ऑफलाइन खरीद करके किसानों को चूना लगाया गया। इससे ऑनलाइन गेहूं खरीद की मॉनिटरिंग करने वाले अफसर गबन के मामले को भांप नहीं पाए। अगस्त में किसानों के शिकायत करने पर गबन का भंडाफोड़ हो सका।
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एक केंद्र पर दो प्रभारी ने गुत्थी उलझाई
अप्रैल 2019 से गेहूं खरीद सत्र प्रारंभ हुआ, तब नेफेड जिला प्रबंधक ने दाउदपुर का केंद्र प्रभारी शोभित मिश्रा को नामित किया। इसके बाद 11 अप्रैल 2019 की सूची में मुश्ताक खां को केंद्र प्रभारी बना दिया गया। किसानों ने अपने शिकायती पत्र में केंद्र प्रभारी शोभित मिश्रा का उल्लेख किया है, क्योंकि किसानों को दी गई सिक्स आर बुक की छाया प्रति में केंद्र प्रभारी शोभित मिश्रा के हस्ताक्षर हैं।
गेहूं गया कहां, कोई नहीं जानता
दाउदपुर क्रय केंद्र को तीन मई 2019 को बंद किए जाने की सूचना जिला प्रबंधक राजेश कुमार वर्मा ने दी थी। इसके बाद भी मंडी समिति से मिली सिक्स आर बुक को जमा न करके दुरुपयोग किया गया है। केंद्र को बंद किए जाने के बाद भी चार मई से आठ मई 2019 तक गेहूं खरीद की गई। किसानों से खरीदा गया गेहूं कहां रखा गया? इसका जवाब जिला प्रबंधक ने जांच अधिकारी को नहीं दिया है। इसके अलावा बिना पंजीकरण के किसानों से खरीद की गई, जो क्रय नीति के विरुद्ध है।
शासन की मंशा के अनुरूप कार्य न करके नेफेड के जिला प्रबंधक ने कल्याणकारी मूल्य समर्थन योजना को विफल करने का षड्यंत्र किया है। केंद्र प्रभारियों के साथ मिलकर किसानों की धनराशि को हड़प लिया गया। इसके लिए दोषी पाए गए चारों आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। -लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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