महेवागंज। धर्म परिवर्तन पर गांव वालों के अलावा हिंदू संगठन भी आक्रोशित हैं। पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हिंदू संगठन भी धर्म परिवर्तन के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
सदर कोतवाली क्षेत्र के ज्ञानपुर और फूलबेहड़ के सुंदरवल में कमजोर और दलित वर्ग के लोगों को ईसाई धर्म से जोडने की कोशिश की जा रही थी। पिछले एक साल से गांव में प्रार्थना सभा का आयोजन हो रहा था। कभी कभार यह सभा गोपनीय भी होती थी। प्रार्थना सभा की गूंज अन्य बिरादरियों तक नहीं पहुच रही थी। रविवार को बाकायदा माइक और लाउडस्पीकर के जरिये प्रार्थना सभा मे हिंदू देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी गांव वालों ने सुनी तो माहौल गरमा गया। सवर्ण और पिछड़ी बिरादरी के लोगों ने हिंदू संगठनों को अवगत कराया। बजरंग दल, हिंदू जागरण मंच और आरएसएस के पदाधिकारी पुलिस लेकर मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया था। चौकी प्रभारी पारसनाथ ने बताया कि आरोपी बलराम, नंदलाल और परशुराम को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
ईसाई धर्म प्रचारकों ने गांवों में बनाई पैठ
ईसाई धर्म के प्रचार प्रसार की जड़ें गांवो में मजबूत होती जा रही हैं। बात प्रचार प्रसार तक सीमित रहती तो मामला शांत रहता। रविवार के दिन सुंदरवल और ज्ञानपुर गांव में ईसाई धर्म प्रचार की आड़ में दूसरे धर्म के देवी देवताओं पर टिप्पणी ने पोलपट्टी खोल दी। हिंदू संगठन के लोगों की मानें तो इसकी जड़ें बहुत गहरी हैं। अगर पुलिस मामले की गहनता से जांच करें तो धर्मांतरण का खेल उजागर हो सकता है। यह तभी संभव है जब मुख्य आरोपियों को ट्रेस किया जाए। ज्ञानपुर निवासी बबलू सिंह और दिवाकर ने कहा कि कुर्मी बाहुल्य गांव में दूसरे नंबर अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या ज्यादा है। उनमें आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कुछ लोग प्रलोभन देकर उनका धर्म परिवर्तन कराने पर आमादा है। धर्म प्रचारक इनका ब्रेनवॉश कर रहे हैं। वहीं फूलबेहड़ क्षेत्र के सुंदरवल और सैदीपुर गांव में इसी मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर हिंदू समुदाय के लोगो में रोष है।