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खेत में निकलवाई चकरोड तो किसान ने फांसी लगाकर जान दी

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गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। जिगिनहां गांव में एक खेत में गलत तरीके से चकरोड निकाले जाने से आहत 70 वर्षीय किसान ने पेड़ में फंदा डाल उससे लटककर जान दे दी। जेब से निकले सुसाइड नोट में उसने चकबंदी अधिकारियों और प्रधान को दोषी ठहराया है। प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है, वहां गांव से भागा हुआ है। दो दिन पहले किसान ने अपने साथ हुई नाइंसाफी डीएम को बताते हुए गुहार लगाई थी, मगर कोई कार्रवाई न होने पर उसने खुदकुशी कर ली।
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लखीमपुर तहसील क्षेत्र के जिगिनहां निवासी ओमप्रकाश वर्मा के खेत को चकबंदी अधिकारियों ने इस साल ग्राम समाज की डेढ़ बीघा जमीन घोषित करते हुए सरकारी प्राइमरी विद्यालय को दे दिया था। किसान का आरोप था कि चकबंदी अधिकारियों ने ग्राम प्रधान से मिलकर धन बल के जरिए उसकी अच्छी जमीन को ग्राम समाज के नाम कराया। फिर जो खेत उसे दिया गया, उसका रकबा कम था, मगर दिखाया ज्यादा था। हद यहीं तक खत्म नहीं हुई। प्रधान ने चुनावी रंजिश के चलते उसके नए मिले खेत से चकरोड भी निकलवा दिया। इससे सबसे परेशान ओमप्रकाश ने दो अगस्त को डीएम को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। तब उसने परिवार सहित आत्महत्या करने को भी चेताया था। इस सबके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह शनिवार रात प्राइमरी स्कूल के पास खाली पड़े अपने पुराने खेत पर गया और वहां शीशम के पेड़ पर फंदा डालकर लटक गया। सुबह जब लोगों ने किसान की लाश लटकी देखी तो गांव में हड़कंप मच गया। परिवार वालों ने ग्राम प्रधान पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर हैदराबाद थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।
पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। एसडीएम और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। जिसके बाद चकबंदी विभाग के कार्यों की भी जांच कराई जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पीड़ित परिवार को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करेंगे। आत्महत्या किए जाने से किसान को बीमा योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। -शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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