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मोहम्मदी सीएचसी में छात्रों ने काटा हंगामा तोड़ फोड़ कर अभिलेख फाड़े, ताला डाला

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मोहम्मदी (लखीमपुर खीरी)। बुधवार की रात हादसे में मौत का शिकार हुए अपने साथी विवेक त्रिपाठी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भाजपा युवा मोर्चा के देहात मंडल के अध्यक्ष प्रशांत द्विवेदी ने कुछ लोगों के साथ सीएचसी पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इन लोगों ने तोड़फोड़ करते हुए अभिलेख फाड़ डाले और मरीजों व तीमारदारों को बाहर करके गेट पर ताला डाल दिया। पता चलने पर एसडीएम और सीओ ने वहां पहुंचकर समझाकर मामला शांत कराया। प्रभारी अधीक्षक ने शाम को एसडीएम और सीओ से मिलकर सुरक्षा मांगी। आश्वासन मिलने पर शनिवार को काम करने के लिए डॉक्टर राजी हो गए।
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17 जुलाई की रात करीब नौ बजे मोहम्मदी-शाहजहांपुर मार्ग पर एसडीएम-सीओ आवास के सामने शंकरपुर छावनी निवासी देवव्रत त्रिपाठी का पुत्र विवेक त्रिपाठी (18) एक ट्रक की चपेट में आकर घायल हो गया था। मोहम्मदी सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल शाहजहांपुर ले जाते वक्त विवेक की मौत हो गई थी। इससे गुस्साए युवा मोर्चा के देहात मंडल अध्यक्ष प्रशांत द्विवेदी के साथ कुछ युवा शुक्रवार की दोपहर सीएचसी पहुंच गए। द्विवेदी चूंकि अखिल भारतीय विद्याथी परिषद (एबीवीपी) के भी जिला संयोजक रहे हैं, इसके चलते प्रदर्शनकारियों में एबीवीपी से भी जुड़े रहे कुछ लोग शामिल थे। युवा मोर्चा के भी कुछ लोग साथ में बताए गए हैं। सीएचसी पहुंचे इन लोगों ने सीएचसी प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिए। इस पर ओपीडी में बैठे डॉक्टरों ने कोई तवज्जो नहीं दी तो वे लोग डॉ. अश्वनी शर्मा के चेंबर में घुस गए। वहां विवेक को प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण मौत होने की बात कही। आरोप लगाया कि मांगने पर भी एंबुलेंस नहीं दी और न ही ऑक्सीजन सिलिंडर। ऐसे में परिजन नगर पालिका परिषद की एंबुलेंस से शाहजहांपुर को लेकर गए और नतीजतन विवेक की मौत हो गई।
यह बात बताते हुए डॉक्टर और मरीजों से अभद्रता की और वहां रखे अभिलेख फाड़ दिए। इससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। मरीज और उनके तीमारदार भाग खड़े हुए । अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों और उनके तीमारदारों ने तीसरी मंजिल पर पहुंचकर अपने को सुरक्षित किया। सूचना पर एसडीएम स्वाति शुक्ला, सीओ श्रेष्ठा ठाकुर, इंस्पेक्टर संजय त्यागी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित छात्रों की बातें सुनी। एसडीएम स्वाति शुक्ला ने उन्हें समझाया। उनका शिकायती पत्र लेकर जांच कराने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर छात्र शांत हुए।
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आठ को नामजद करते हुए 25 अन्य के खिलाफ तहरीर
छात्रों की गुंडागर्दी को लेकर डॉक्टरों और कर्मचारियों में भारी रोष है। सीएचसी अधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार के नेतृत्व में डॉ. अश्वनी वर्मा की ओर से आठ को नामजद करते हुए और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर देकर अस्पताल में तोड़फोड़ करने, अभिलेख फाड़ने और जान माल की धमकी देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि की तहरीर दी गई है। नामजद आरोपियों में प्रशांत द्विवेदी, सचिन दीक्षित, आयुष भदौरिया, शैलेंद्र वाजपेई, अमित मिश्रा, रोहित शर्मा, प्रखर भारद्वाज और मानवेंद्र अग्निहोत्री बताए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंसकर गर्भवती गिरी
अस्पताल में गर्भवती राखी पत्नी रामू निवासी गरवापुर डॉक्टर को दिखाने आईं थी जो प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंसकर गिर गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे आनन फानन में दूसरे अस्पताल ले गए। सीएचसी आई गांव बगरेठी की मुन्नी सिंह और हथेला वाजिदपुर की रेखा पर्चा लिए घूमती रहीं, लेकिन उन्हें दवाई नहीं मिल पाई।

एबीवीपी जिला संयोजक ने कहा, संगठन ने नहीं किया प्रदर्शन
एबीवीपी जिला संयोजक संकल्प शुक्ला ने कहा है कि प्रशांत द्विवेदी आदि एबीवीपी के कार्यकर्ता नहीं है। मोहम्मदी सीएचसी में संगठन से किसी भी प्रदर्शन की इजाजत नहीं ली गई और न ही कोई प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था, इसलिए यदि कोई कहता है तो उसे झूठ माना जाए।

युवा मोर्चा ने प्रदर्शन को गलत बताया
भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष विनोद लोधी का कहना है कि भाजपा के कार्यकर्ता अनुशासित हैं। वह ऐसा कोई कृत्य नहीं करेंगे, जिससे लोगों को दिक्कतें हों। जिन लोगों ने यह किया है, वह गलत किया है।
उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और डॉक्टरों के जान माल की सुरक्षा की जाएगी। -श्रेष्ठा ठाकुर, सीओ-मोहम्मदी।
छात्र विवेक त्रिपाठी की मौत की घटना अत्यंत दुखद है, फिर भी किसी को शांति व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। छात्रों ने सीएचसी के डॉक्टरों द्वारा उचित इलाज न करने, ऑक्सीजन और एंबुलेंस न देने की बात कही है। इसकी जांच कराई जाएगी।
स्वाति शुक्ला, एसडीएम-मोहम्मदी।
सीएचसी में ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। घायल छात्र की हालत ज्यादा खराब थी। प्राथमिक उपचार के बाद उनके परिजनों के अनुरोध पर उसे शाहजहांपुर रेफर किया गया था। फिलहाल यदि किसी चिकित्सक की लापरवाही सामने आई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। -सुरेंद्र कुमार, अधीक्षक-सीएचसी
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