लखीमपुर खीरी। अवैध बालू खनन के खिलाफ प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया की नसीहत के बाद डीएम और एसपी ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए करीब दो दर्जन ट्रैक्टर-ट्रालियां पकड़कर सीज कर दी हैैं। इससे बालू खनन माफिया में खलबली है। इस कार्रवाई से बालू के रेट आसमान छूने लगे हैं। कल तक छह से आठ हजार रुपये में बिकने वाली एक ट्रॉली के रेट दोगुने करीब 15 हजार रुपये हो गए हैं। कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि रवन्ना पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में तीन घनमीटर बालू होना दिखाया जा रहा है, जबकि ओवरलोडेड ट्रॉलियों में 10 से 15 घनमीटर तक बालू भरी मिली है। इससे हरकत में आए एआरटीओ ने भी ट्रैक्टर-ट्रालियों पर भारी जुर्माना 30 हजार रुपये तक लगाते हुए चालान काटे हैं।
बालू खनन के लिए इस समय सदर तहसील में सर्वा शिवपुरी और मोहम्मदी में ठेके संचालित हैं। सर्वा शिवपुरी में 58 रुपये प्रति घन मीटर जबकि मोहम्मदी में 306 रुपये प्रति घन मीटर बालू की रॉयल्टी दर निर्धारित है। एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में नियमत: तीन घन मीटर बालू लोड किए जाने का प्रावधान है, जिसके मुताबिक ही ठेकेदार रवन्ना भी बनाता है। इसी आधार पर जिला प्रशासन को रॉयल्टी का भुगतान किया जाता है। विभागीय सूत्रों की माने तो सर्वा शिवपुरी में तीन घन मीटर बालू भरी ट्रॉली पर करीब 300 रुपये खर्चा आता है, जबकि मोहम्मदी क्षेत्र में एक ट्रॉली बालू पर 1300 रुपये सरकारी खर्च आता है। वहीं इसके उलट ट्रॉली में तीन घनमीटर के बजाय 10 से 15 घन मीटर तक बालू भरकर इसे छह से आठ हजार रुपये में बेचकर ठेकेदार मोटा मुनाफा कमा रहे थे और सरकार राजस्व को लाखों का चूना लग रहा था। जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद अवैध बालू खनन के कई राज बेपर्दा होने लगे हैं कि किस तरह सांठगांठ से तीन घन मीटर के बजाय चार गुना अधिक बालू भरके राजस्व को चूना लगाया जा रहा था।
ओवरलोडेड ट्रॉलियों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई की गई है और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की गई हैं। रवन्ना पर कम बालू दिखाकर ज्यादा बालू की निकासी करने का मामला सामने आया है। इसकी जांच की जा रही है। धौरहरा और पलिया क्षेत्र में नए खनन के ठेके हुए हैं, जिससे बालू की निकासी होने पर किल्लत से राहत मिलेगी।
-अजीत पांडेय, खनन निरीक्षक
ओवरलोडेड 12 ट्रैक्टर-ट्रालियों और दो डंपर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान किया गया है। इनसे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाएगी। कृषि कार्य के बजाय कई ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध तरीके से खनन में लिप्त पाई गई हैं।
- आरके चौबे, एआरटीओ, प्रवर्तन