लखीमपुर खीरी। नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी को एडीजे राजेश मिश्र ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुजरिम पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक संजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सदर में रहने वाली नाबालिग छात्रा को शहर के मोहल्ला ईदगाह निवासी मून खां 12 फरवरी 2015 को बहला-फुसलाकर ले गया था। उसने छात्रा को कई जगह रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया।
23 फरवरी 2015 को पीड़ित के पिता की ओर से अभियुक्त मून खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। अभियोजन की ओर से अदालत की सुनवाई के दौरान कमलाकांत तिवारी, मीना, डॉ. पुष्पलता और महिला कांस्टेबल अर्चना मिश्रा, सुनील कुमार सिंह और दुर्गेश श्रीवास्तव की गवाही दर्ज कराई गई। बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगी। एडीजे राजेश मिश्रा ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए मून खां को छात्रा के अपहरण व दुष्कर्म का दोषी पाया और उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है ,साथ ही दुराचारी पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें 25 हजार की धनराशि पीड़ित को बतौर मुआवजा दिए जाने का हुक्म दिया है।