निघासन। ताजिया लेकर जा रहे लोगों के साथ मारपीट करने और ताजिया तोड़ने की घटना से लोगों में रोष है। आरोप है कि पुलिस ने पठानन पुरवा गांव के छह घरों में घुसकर ताजियों को तोड़ दिया, साथ ही घर वालों की पिटाई की। पुलिस ने आरोपों को खारिज करते हुए मामले को फर्जी बताया है।
पढुआ पुलिस चौकी इलाके के बैरिया गांव निवासी इस्माइल और जमील बुधवार शाम ताजिये लेकर अपने गांव जा रहे थे। आरोप है कि पढुआ चौकी के पुलिस कर्मियों ने दोनों की पिटाई करते हुए चौकी में बैठा लिया। ताजियों को नहर में फिंकवा दिया। इसके बाद पुलिस पठानन पुरवा गांव पहुंची। मोहम्मद हनीफ, करमशेर, मैनुद्दीन, सूबेदार, मंजूर आदि के घरों में घुसकर ताजियों को तोड़ कर तहस-नहस कर दिया। साथ ही इन घरों में मौजूद महिलाओं की पिटाई भी की। बवाल न हो, इसके लिए एहतियातन ढखेरवा पुलिस चौकी स्टाफ को भी पढुआ बुला लिया गया। साथ ही सीओ ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। इस बीच बारिश शुरू हो गई जो रात तक होती रही और मामला ठंडा पड़ गया। चौकी में बैठाए गए दोनों लोगों को रात में छोड़ दिया गया। गुरुवार सुबह पठानन पुरवा गांव में तमाम लोगों का जमावड़ा लग गया। पुलिस के कृत्य की निंदा की गई। चौकी इंचार्ज धर्मदास सिद्धार्थ ने बताया है कि किसी को मारा पीटा नहीं गया है। बैरिया के दो लोग खुद ही ताजिये छोड़ कर भाग गए थे। पठानन पुरवा के लोगों से केवल यह कहा गया था कि ताजियों का कारोबार न करें।