लखीमपुर खीरी। पुलिस को देख बाइक भगाना लुटेरों को महंगा पड़ गया। शक होने पर जब पुलिस ने बाइक रोकने की कोशिश की तो लुटेरों के पीछे की ओर मोड़ते समय बाइक बाइक पलट गई। लुटेरे बाइक छोड़कर भागने लगे, जिन्हें दो सिपाहियों ने दिलेरी दिखाते हुए दौड़ा लिया और एक लुटेरे को दबोच लिया, जबकि उसका दूसरा साथी भागने में कामयाब रहा।
सदर कोतवाली के गांव अमकोटवा निवासी कुलविंदर सिंह की बाइक, मोबाइल व पर्स बाइक सवार दो लुटेरे 27 दिसंबर की शाम महेवागंज पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव ज्ञानपुर के पास से लूट ले गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की खोजबीन शुरू कर दी थी। प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि रविवार की सुबह महेवागंज चौकी इंचार्ज पारस नाथ यादव सिपाही शिवम मिश्रा व प्रदीप गंगवार के साथ गश्त पर थे। भीरा रोड पर ग्राम सिंगारपुर के आगे पुलिस को दो युवक तेज रफ्तार आते दिखाई दिए। घना कोहरे के बाद भी रफ्तार अधिक होने पर पुलिस को शक हुआ। चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ सड़क पर खड़े हो गए। नजदीक आते ही पुलिस को देख लुटेरों ने हड़बड़ाहट में बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, इसी बीच बाइक पलट गई। पुलिस मौके पर पहुंचती। इससे पहले ही दोनों लुटेरे गन्ने के खेतों की ओर भागने लगे। सिपाही शिवम मिश्रा व प्रदीप गंगवार ने जान की परवाह किए बिना दोनों को दौड़ा लिया। सिपाहियों ने गन्ने के खेत के निकट लुटेरा रामबक्श उर्फ गौरा निवासी मदनापुर थाना निघासन को दबोच लिया, जबकि उसका साथी अयूब निवासी त्रिकोलिया थाना पलिया भाग निकला। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके पास से एक देशी तमंचा व कारतूस बरामद किया है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोनों लुटेरे बाइक को बेचने नेपाल जा रहे थे। दोनों शातिर अपराधी हैं। दोनों के खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले कई थानों पर दर्ज हैं। प्रभारी निरीक्षक ने दोनों सिपाहियों की बहादुरी की प्रशंसा की है।