गोला गोकर्णनाथ। सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन के प्रति अधिकारी और कर्मचारी इस भय से सजग हैं कि जरा सी भी चूक होने पर उनके विरुद्घ कार्रवाई हो जाएगी। कानपुर के एक अस्पताल ने मरीज का न इलाज किया और न ही ऑपरेशन किया और डिस्चार्ज कर आयुष्मान योजना का एक लाख 70 हजार 500 रुपया निकाल लिया।
नगर के मोहल्ला राजनी चंदेली मार्केट स्थित सत्यप्रकाश गुप्ता हृदय रोग से पीड़ित होने पर इलाज के लिए कानपुर के एक अस्पताल में 21 अप्रैल को पहुंचे। जहां हृदय रोग विशेषज्ञ ने बताया कि वॉल्ब खराब है और सर्जरी कराने पर ही राहत मिल सकती है। जिसके लिए दो लाख रुपए खर्च बताया गया। आर्थिक रूप से परेशान सत्यप्रकाश ने आयुष्मान कार्ड से ऑपरेशन के लिए फाइल बनवाई और सूचना अस्पताल को भेज दी। तब विभागाध्यक्ष ने बताया कि जब ऑपरेशन होगा तब उन्हें खबर दी जाएगी।
दो नवंबर को सत्यप्रकाश के मोबाइल पर मेसेज आया कि इलाज के लिए एक लाख 70 हजार रुपया स्वीकृत हुआ है किंतु अस्पताल से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। सत्यप्रकाश ऑपरेशन कराने की तैयारी कर रहे थे तब तक 20 नवंबर को उनके मोबाइल पर मेसेज आया कि ऑपरेशन सफल हुआ है और आयुष्मान योजना से मिला धन समाहित कर उन्हें 20 नवंबर को ही डिस्चार्ज कर दिया गया। मेसेज देख पीड़ित दंग रह गया। जिसने जांच कराने के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री भारत