लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिंग फंडिंग के बहुचर्चित मामले में एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र सिंह राठौर ने सीजेएम कोर्ट में आरोपी सदाकत के पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए मंगलवार को अर्जी पेश की। जिस पर अदालत ने बुधवार को सुनवाई की तारीख तय की है।
निघासन (लखीमपुर खीरी) में पकड़े गए टेरर फंडिंग के मामले में फरार बरेली के थाना इज्जतनगर के गांव परतापुर चौधरी निवासी सदाकत ने एटीएस को चकमा दे दिया था। उसने बरेली के प्रेमनगर थाने में दर्ज एक मामले की जमानत तुड़वा ली और जेल चला गया था। एटीएस उसे तलाश करती ही रह गई। बी वांरट पर तीन दिन पहले सदाकत को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में बरेली जेल भेज दिया था। मंगलवार को एटीएस की टीम कोर्ट पहुंची। एटीएस डीएसपी शैलेंद्र सिंह राठौर ने कस्टडी रिमांड अर्जी पेश करते हुए अदालत को बताया कि टेरर फंडिंग मामले की पूछताछ के दौरान बरेली जेल में बंद थाना इज्जतनगर (बरेली) के गांव परतापुर चौधरी निवासी सदाकत ने कई महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं, जिनकी पड़ताल के लिए उसे कस्टडी रिमांड पर दिया जाना जरूरी है। प्रकाश में आई सुमन और सरवन के साथ सदाकत के रिश्तों की भी पड़ताल करनी है। सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने एटीएस की अर्जी पर सुनवाई के लिए बुधवार की तारीख लगाई है और सदाकत को बरेली जेल से तलब किया है। इससे साफ हो गया है कि बरेली जिला जेल से पुलिस सदाकत को लेकर बुधवार को सीजेएम कोर्ट में पेश करेगी।
बरेली जेल में एटीएस और पुलिस को चकमा देकर हाजिर हुए सदाकत को एटीएस की ओर से बरेली जेल में बंद सदाकत को कस्टडी रिमांड की अर्जी की नकल उपलब्ध कराई गई।