लखीमपुर खीरी। एटीएस की आंखों में धूल झोंककर बरेली जेल जाने में कामयाब रहा सदाकत शुक्रवार को लखीमपुर खीरी लाया गया। उसे पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने कस्टडी वांरट पर उसे फिर बरेली जेल वापस भेज दिया। कोर्ट ने सदाकत के बयान लेने की अनुमति एटीएस को दी है। अब एटीएस बरेली जेल जाकर उसके बयान दर्ज करेगी। उधर 24 घंटे का कस्टडी रिमांड पूरा होने पर शुक्रवार शाम एटीएस ने मेडिकल परीक्षण कराकर मुुमताज को भी जेल में दाखिल कर दिया।
लखीमपुर खीरी के तिकुनियां नेपाल बॉर्डर पर टेरर फंडिंग और हवाला के खुलासे के बाद एटीएस इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है। एटीएस दो नाइजीरियाई समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि बरेली के थाना इज्जतनगर के गांव परतापुर चौधरी निवासी सदाकत एटीएस के हाथ नहीं आ सका। वह 14 अक्तूबर को इज्जतनगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में अपनी कार छोड़ने के बाद भाग निकला था। उसने खुद के नेपाल भाग जाने की खबर फैलाकर एटीएस का ध्यान मोड़ने की कोशिश की। 18 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी सीजेएम की अदालत में सरेंडर अर्जी लगाई। इस पर 23 अक्तूबर को सुनवाई होनी थी। इसको लेकर एटीएस सक्रिय हो गई। उसने सदाकत को गिरफ्तार करने के लिए कोर्ट से लेकर पूरे कचहरी परिसर, रोडवेज बस अड्डा आदि स्थानों पर अपना जाल फैला दिया था, लेकिन बेहद शातिर दिमाग सदाकत ने एटीएस को एक बार फिर चकमा दे दिया। वह बरेली के थाना प्रेमनगर में धोखाधड़ी के दर्ज दो मामलों में अपनी जमानत तुड़वाकर 19 अक्तूबर को ही जेल जाने में सफल हो गया। 22 अक्तूबर में उसके वकील ने जब कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर इसकी जानकारी दी तो एटीएस को पता लगा। एटीएस ने 29 अक्तूबर को बरेली सीजेएम कोर्ट में सदाकत का बी वारंट दाखिल किया। इस पर उसे शुक्रवार को बरेली पुलिस लखीमपुर खीरी लाई। उसे सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने कस्टडी वारंट पर बरेली जेल भेज दिया। कोर्ट रूम में पहले से मौजूद एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह राठौर ने कोर्ट को अर्जी दी और पूछताछ की अनुमति मांगी। कोर्ट से अनुमति मिल गई है। एटीएस अब बरेली जेल जाकर सदाकत के बयान लेगी। उधर एटीएस ने 24 घंटे की रिमांड पूरी होने पर मुमताज का डॉक्टरी परीक्षण कराया। बाद में उसे जिला जेल में दाखिल कर दिया।
सदाकत की पूछताछ में होंगे चौंकाने वाले खुलासे
टेरर फंडिंग के मामले में बरेली से गिरफ्तार थाना इज्जतनगर के गांव परतापुर चौधरी निवासी फहीम और सिराजुद्दीन से एटीएस को महत्वपूर्ण जानकारी और साक्ष्य मिले थे। अब तक की जांच में यह बात साफ हो चुकी है कि लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच के नेपाल बॉर्डर पर चल रहे टेरर फंडिंग गिरोह का मास्टरमाइंड सदाकत है। उसका दिल्ली आना-जाना रहता था। सदाकत ही नेपाल सीमा पर टेरर फंडिंग और हवाला का काम संभालता था। सूत्रों के मुताबिक सदाकत ने कोर्ट रूम के बाहर एटीएस को आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग और हवाला मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। उसके कई देशों के लोगों से कनेक्शन जुड़े मिले हैं। एटीएस ने पूरा ध्यान अब सदाकत की ओर लगाया है।
सुनीता और सरवन की तलाश में जुटी एटीएस
लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिंग मामले में कोतवाली तिकुनियां के गांव डांगा निवासी मुमताज को भी एटीएस गिरफ्तार करने से चूक गई थी। मुमताज ने भी एटीएस को चकमा देकर सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। एटीएस ने उसे बृहस्पतिवार को 24 घंटे की कस्टडी रिमांड पर लिया। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान प्रकाश मे आई सुनीता, सरवन और नेपाल में बैठे एजेंटों के बावत एटीएस ने उससे पूछताछ की। टीम उसे नेपाल बॉर्डर के सीमावर्ती गांवों में भी ले गई। मुमताज से एटीएस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी है। साथ ही सुनीता और मुमताज के साथ ही घटना से जुड़े कई नेपाली एजेंटों का भी खुलासा हुआ है। एटीएस अब प्रकाश में मल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुट गई है।
एटीएस आज दाखिल कर सकता है सदाकत का कस्टडी रिमांड
सदाकत को बरेली जिला कारागार दोबारा भेजे जाने से एटीएस को झटका लगा है। एटीएस अब उसे कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि एटीएस बरेली जाकर सदाकत के पहले बयान दर्ज करेगी। उसके बाद कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में अर्जी देगी। बरेली के थाना प्रेमनगर में दर्ज जिस धोखाधड़ी के मामले में वह जमानत तुड़वाकर सदाकत जेल गया था, उस मामले में भी उसकी दो नवंबर को पेशी बरेली सीजेएम की कोर्ट में हैं।