लखीमपुर खीरी। निषेधाज्ञा का उल्लंघन और बिना अनुमति चुनाव प्रचार करने के दो मामलों में धौरहरा सांसद रेखा वर्मा शनिवार को अपर जिला जज (तृतीय) प्रवीण कुमार सिंह की अदालत में हाजिर हुईं। कोर्ट ने तीन घंटे तक हिरासत में रखने के बाद निजी मुचलके पर सशर्त रिहा किया।
लोकसभा चुनाव 2014 में सांसद प्रत्याशी के रूप में रेखा वर्मा को निर्वाचन निगरानी टीम ने निषेधाज्ञा और आचार संहिता उल्लंघन करते हुए बिना अनुमति चुनाव प्रचार के मामले में आरोपी बनाया था। साथ ही उनके सह अभियुक्त के रूप में वाहन के ड्राइवर संतोष कुमार को भी आरोपी बनाया गया था। अदालत में इसी चुनाव प्रचार के दौरान समर्थकों की बाइक रैली निकालने के दूसरे मामले में भी रेखा वर्मा को नामजद करते हुए पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी।
इन दोनों मामलों में 24 अक्तूबर को सुनवाई के दौरान कोर्ट से गैरहाजिर रहने पर रेखा वर्मा को गिरफ्तार करने का आदेश देते हुए एडीजे पीके सिंह ने गैर जमानती वारंट जारी किया था। इस मामले में अगली सुनवाई दो नवंबर को होना थी। इससे पहले ही सांसद रेखा वर्मा अपने अधिवक्ता के साथ शनिवार दोपहर अदालत में हाजिर हो गईं। वहां वारंट निरस्त करने की अर्जी दी गई। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सांसद को कस्टडी में ले लिया। एक बजे से चार बजे तक उन्हें कस्टडी में रखने के बाद कोर्ट ने 20 हजार रुपये का मुचलका लिया और फिर इस शर्त पर रिहा किया कि वह दो नवंबर को पेशी पर अदालत में हाजिर होंगी।
कोर्ट में पहुंचे समर्थक वकील
सांसद रेखा वर्मा के वारंट निरस्तीकरण के लिए जिस समय कोर्ट में पेश हुईं, उस दौरान कोर्ट रूम में उनके साथ जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष राकेश शुक्ल, हेमंत गुप्त, शिवकुमार त्रिवेदी, अवधेश शुक्ल, उमकांत वर्मा, विजय सिंह सहित कई वकील मौजूद रहे।
तनाव में दिखीं सांसद, कोर्ट से निकलते ही मुस्कान लौटी
जब कोर्ट में वारंट निरस्तीकरण की सुनवाई के दौरान अदालत ने सांसद रेखा वर्मा को अभिरक्षा में लेने का कोर्ट मोहर्रिर को आदेश दिया गया, तब सांसद के चेहरे पर तनाव आ गया। अदालत के अगले आदेश के इंतजार में उनके चेहरे पर बेचैनी साफ दिखती रही। शाम चार बजे 20 हजार रुपये का मुचलका और वचन पत्र दाखिल करने पर रिहा किया गया, तब उनके चेहरे पर राहत नजर आई और कोर्ट से निकलते ही उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
सुनवाई दो नवंबर को
न्यायाधीश पीके सिंह ने वांरट निरस्तीकरण की अर्जी सुनवाई के दौरान सांसद के वकील से सह अभियुक्त के बावत जानकारी चाही तो उनके वकील ने बताया कि सह अभियुक्त के बारे में कोई जानकारी नहीं है, इस पर अदालत ने दो नवंबर को हाजिर होने का आदेश देते हुए पुलिस से सह अभियुक्त की गिरफ्तारी कराने का हुक्म दिया है।