लखीमपुर खीरी/निघासन। टेरर फंडिंग मामले में 11 अक्तूबर को पहले चार और फिर गिरफ्त में आए दो अन्य आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद उनसे की गई पूछताछ के बाद एटीएस अब इस नेटवर्क के पूरे खुलासे के नजदीक है। महत्वपूर्ण सुराग हाथ में लगने के बाद नेपाल बॉर्डर पर गुलरिया घाट के नजदीकी एक गांव के पूर्व प्रधान समेत 14 से अधिक लोग एटीएस की निगाह में आए हैं। सोमवार को एटीएस की टीम ने यहां पहुंचकर पूर्व प्रधान से से करीब एक घंटे पूछताछ की, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया। यह पूर्व प्रधान इन सप्लायरों का काफी नजदीकी है।
11 अक्तूबर को टेरर फंडिंग का खुलासा होने के साथ ही इज्जतनगर (बरेली) के गांव परतापुर चौधरी के उम्मेद अली और सलीम सलमानी, तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) के संजय अग्रवाल और तिकुनियां के गांव बदालपुरवा निवासी एराज अली को गिरफ्तार किया था। साथ ही तिकुनियां के गांव डांगा निवासी मुमताज, बरेली के गांव परतापुर चौधरी निवासी फहीम, सिराजुद्दीन और सदाकत अभियुक्त बनाए थे। सिराजुद्दीन और फहीम बाद में गिरफ्तार कर लिए गए और इस समय एटीएस कस्टडी रिमांड में हैं, दोनों से एटीएस पूछताछ कर रही है। कोर्ट में हाजिर हुए मुमताज से भी एटीएस जेल में पूछताछ कर चुकी है।
सूत्रों के मुताबिक इन लोगों से पूछताछ में एटीएस को टेरर फंडिंग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां और साक्ष्य मिले हैं। इससे एटीएस पूरे मामले के खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। पूछताछ के बाद तिकुनियां और नेपाल बॉर्डर के सीमावर्ती गांव के एक पूर्व प्रधान समेत 14 लोग एटीएस के निशाने पर आ गए हैं। इससे पहले अमर उजाला ने सूत्रों के मिले इनपुट के आधार पर सोमवार के अंक में टीम के शीघ्र ही नेपाल बॉडर पर पहुंचने की संभावना जताई थी। सोमवार को एटीएस की टीम नेपाल बॉडर्र पहुंच भी गई। टीम नेपाल बार्डर के गांव कड़िया, डांगा, बनवीरपुर, तिकुनियां आदि सीमावर्ती गांवों में गई। पकड़े गए मुमताज के गांव डांगा चौराहा पर काफी देर तक टीम खड़ी रही। उसके बाद टीम ने आने-जाने वाले लोगों से भी पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक मुमताज, उम्मेद अली और ऐराज अली के काफी करीबी एक पूर्व प्रधान को टीम ने पकड़ लिया। उससे करीब पौन घंटे तक पूछताछ की। फिलहाल उसे छोड़ दिया गया है।
एटीएस के आते ही घाटों पर मचा हड़कंप
एसटीएस टीएम के आने की भनक लगते ही मोहना नदी के गुलरिया घाट से नेपाल जाने वाले लोगों में हड़कंप मच गया। टीम जब तक वहां पर रही, तब तक लोग उधर से गुजरने से बचते रहे। उसके बाद टीम गुलरिया घाट जाने वाली सड़क पर जंगल के पास करीब आधे घंटे खड़ी रही। उसके बाद वह लौट गयी।
मुमताज का घर आना-जाना था पूर्व प्रधान का
सूत्रों के मुताबिक एटीएस के निशाने पर आए पूर्व प्रधान और मुमताज के बीच काफी नजदीकी संबंध हैं। उसका मुमताज के घर काफी आनाजाना था। इसके अलावा अन्य आरोपियों के साथ भी पूर्व प्रधान का उठना-बैठना था।