घोसियाना मुक्तिधाम में क्षतिग्रस्त छत में दिखने लगीं सरिया
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स्नानघर और शौचालय में जड़ा मिला ताला
मुक्तिधाम में सार्वजनिक स्नानघर और शौचालय भी बनवाया गया था। हालांकि इसमें हमेशा ताला पड़ा रहता है। ऐसे में लोगों को पेशाब करने के लिए भी बाहर किसी अन्य जगह की तलाश करनी पड़ रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के भी मुक्तिधाम बदहाल, खेतों में अंतिम संस्कार
बेलरायां के भिडोरी गांव में 2010 में मुक्तधाम बनवाया था। हालांकि परिसर से हैंडपंप, गेट, टीनशेड नदारत हैं और झाड़ियों उग आई हैं। लोगों ने रेलवे भूमि, खेत खलिहान, नदियों किनारे अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया हैं। वहीं, मोहम्मदी क्षेत्र के गांव केहुआ, बेलहरा दुवाहा, वेला में अपने खेतों में अतिम संस्कार करते हैं, जिससे बारिश में काफी दिक्कत होती है।
उधर, कस्बा खीरी स्थित चोरही बगिया के मुक्तिधाम का एक टीन शेड जर्जर है। जबकि दूसरे पर कथित तौर एक अघोरी का कब्जा है। वहीं कमोबेश यही ओयल नगर पंचायत और ग्राम पंचायत में बने दोनों मुक्तिधाम का भी है। कई स्थानों पर झाड़ियां इतनी अधिक बढ़ गई हैं कि रास्ता तक दिखाई नहीं देता। इस बाबत ओयल नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिभा गौतम ने बताया कि दोनों मुक्तिधामों की जल्द ही साफ सफाई कराई जाएगी।
कभी भी हो सकता है हादसा, लगा रहता है डर
पैकरमा ने बताया कि चबूतरें के ऊपर पड़ी छत काफी समय से कमजोर हो गई है। लोग शव दाह के लिए आते हैं। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। खासकर बारिश में खतरा और भी बढ़ जाता है। जिम्मेदारो को संज्ञान लेना चाहिए।
सांप-बिच्छू का बना रहता है खतरा
हरीनाम वर्मा ने कहा कि अंत्येष्टि स्थल की साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। जनप्रतिनिधि आते हैं तो सफाई की बात करते हैं। इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। झाड़ियों की वजह से सांप-बिच्छू का खतरा बना रहता है।
सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि जो भी मुक्तिधाम हैं, उनकी देखरेख समेत साफ-सफाई की व्यवस्था या तो संबंधित ग्राम पंचायतों या ब्लॉक व नगर पालिका स्तर से होती है। स्थितियों की समीक्षा समय-समय पर की जाती है। जहां भी दिक्कतें हैं, उनको दिखवाया जाएगा।