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कोर्ट सुरक्षा: घटना के बाद सख्ती, फिर सुस्ती

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लखीमपुर खीरी। लखनऊ कोर्ट में संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड के अगले दिन बृहस्पतिवार को न्यायालय परिसर में दिखे सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम शुक्रवार को नजर नहीं आए। न तो चेकिंग अभियान चलाया गया और न ही वादकारियों से पूछताछ की गई। जांच के लिए लगे पुलिसकर्मी मोबाइल में मस्त दिखे।
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दोपहर 1.30 बजे डीएम-एसपी के आने पर न्यायालय आए वादकारियों से पूछताछ और जांच शुरू हुई। दोपहर 12 बजे गेट नंबर एक पर वादकारी बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश कर रहे थे। गेट के थोड़ा आगे लगा मेटल डिटेक्टर काम नहीं कर रहा था। कलक्ट्रेट जाने वाले गेट पर भी किसी तरह की जांच नहीं हो रही थी। यही हाल अन्य प्रवेश द्वार का था।
प्रवेश द्वार के पास लगे मेटल डिटेक्टर काम नहीं कर रहे थे। न्यायालय सुरक्षा प्रभारी राकेश यादव ने बताया कि छह स्थानों पर डीएसएमडी मेटल डिटेक्टर लगे हैं, जो काम नहीं कर रहे हैं। हैंड मेटल डिटेक्टर से जांच होती है। बताया कि मेटल डिटेक्टर और सीसी कैमरों व अन्य उपकरणों का जिम्मा वेंटज कंपनी का था, जो ब्लैक लिस्टेड हो गई। कंपनी की ओर से रखे गए आपरेटर चले गए हैं। इस वजह से इन उपकरणों की कंट्रोलिंग में समस्या आ रही है।
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कुछ डिटेक्ट नहीं कर पाता मेटल डिटेक्टर
न्यायालय परिसर में छह स्थानों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं। यह खराब हो गए हैं। इसके अंदर से गुजरने न गुजरने का कोई मतलब नहीं है। गेट नंबर एक, सीजेएम, जिला जज न्यायालय व अन्य स्थानों पर यह मेटल डिटेक्टर लगे हैं। इनके पास पुलिसकर्मियों की तैनाती भी रहती है। पुलिसकर्मी, हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच करते हैं।

कई जगहों पर नहीं पुलिसकर्मी कचेहरी रोड पर गेट संख्या-एक और उसके आगे एक अन्य गेट से वादकारी प्रवेश करते हैं। डीसी रोड पर भी दो प्रवेश गेट हैं। इस रोड के अधिवक्ता चैंबर्स गेट संख्या एक पर शुक्रवार की दोपहर 12 बजे कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। पुस्तकालय के पास वाले प्रवेश गेट के पास भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। इन स्थानों से न्यायालय परिसर में प्रवेश पर कोई रोकटोक नहीं दिखी।

यह है न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था
न्यायालय की सुरक्षा में एक निरीक्षक सहित 49 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसमें 11 महिला आरक्षी शामिल हैं।
28 सीसी कैमरों से न्यायालय परिसर की निगरानी होती है। सभी कैमरे सही होने का दावा किया जा रहा है।
हैंड मेटल डिटेक्टर व स्कैनर का उपयोग भी न्यायालय सुरक्षा में किया जा रहा है।
न्यायालय आने वाले वादकारियों व अन्य लोगों के सामान की भी स्कैनिंग होती है।

न्यायालय पहुंचे डीएम-एसपी तो शुरू हुई जांच
दोपहर 1.30 बजे डीएम महेंद्र बहादुर व एसपी गणेश प्रसाद साहा न्यायालय पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही सुरक्षा के इंतजाम सख्त हो गए। प्रवेश गेट पर वादकारियों व अन्य लोगों की जांच होने लगी। सामान की तलाशी ली गई। न्यायालय आने का कारण भी जाना। डीएम और एसपी ने न्यायालय की सुरक्षा का हाल जाना। सामान व वाहनों की जांच का निर्देश दिया। परिसर में लगे उपकरणों के बारे में जानकारी ली।
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