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पलिया हादसा: गमगीन माहौल में शव को किया सुपुर्दे खाक

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मझगईं। बृहस्पतिवार को बोझवा के पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास हुए हादसे में जान गंवाने वाले चांद का पीएम होने के बाद देर रात शव घर पहुंचने पर परिजन में कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए खाक किया गया।
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पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास हुए दर्दनाक हादसे में त्रिलोकपुर निवासी चांद, बिसवां सीतापुर निवासी जाबिर उनकी पत्नी खुशनुमा और पुत्री जन्नत की मौत हो गई थी। त्रिलोकपुर निवासी चांद का देर रात शव घर पहुंचा तो परिजन में कोहराम मच गया। मां-बाप के साथ दो छोटे भाईयों और पांच बहनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। भारी संख्या में लोगों की भीड़ उनके आवास पर लगी रही। शुक्रवार सुबह भारी संख्या में लोग जनाजे में शामिल हुए। नौगवां के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए खाक किया गया।

चांद के जनाजे में होने वाली दुल्हन भी हुई शामिल
मृतक चांद की शादी खुटार से तय हुई थी। नवंबर में चांद की बारात खुटार जाने वाली थी। जिसकी तैयारियां दोनों घरों में चल रहीं थीं और शादी का घर होने के कारण हंसी-खुशी का माहौल था। बृहस्पतिवार को हुए हादसे में चांद की मौत होने से घर व होने वाली ससुराल में सन्नाटा पसर गया। शुक्रवार को चांद के जनाजे में अपने माता-पिता के साथ चांद की होने वाली पत्नी भी शरीक होने आई थी और सभी का रोना देखकर लोग अपने आंसू नहीं रोक सके।
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पुत्र, बहू व पोती के जनाजे में शामिल न हो सके जाबिर के माता-पिता
सीतापुर के बिसवां निवासी मृतक जाबिर के माता-पिता दो हफ्ते पहले हज के लिए रवाना हुए थे। जाबिर ने मां-बाप को गले मिलकर हवाई जहाज पर हंसी खुशी यह कहकर विदा किया था कि पोती जन्नत के लिए दुआ कर लेना कि वह खूब पढ़ लिख जाए। लेकिन मां-बाप के हज से वापस आने से पहले ही जाबिर, पत्नी खुशनुमा व बच्ची जन्नत अल्लाह को प्यारे हो गए। माता-पिता अपने बेटे, बहू और पोती के जनाजे में भी शामिल नहीं हो सके।
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