लखीमपुर-खीरी। दहेज की खातिर विवाहिता को खुदकुशी के लिए मजबूर करने के मामले में एडीजे दीपेंद्र कुमार सिंह ने पति समेत तीन ससुरालियों को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को पति शहरुद्दीन और उसके रिश्तेदार कुन्नू को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, जबकि आरोपी सास गुड्डी को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही तीनों आरोपियों पर पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अदालत में अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि निघासन थाना क्षेत्र के गांव डंडूरी निवासी असलम ने अपनी बहन सन्नो का निकाह भीरा थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया हेम सिंह निवासी शहरुद्दीन के साथ वर्ष 2014 में किया था। आरोप है कि शादी के बाद से ही विवाहिता को दहेज में बाइक की खातिर पति शहरूद्दीन और सास गुड्डी के साथ ही शहरूद्दीन के रिश्तेदार कुन्नी प्रताड़ित करते थे। इसी वजह से पांच जून 2018 को सन्नो ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। असलम ने पति शहरुद्दीन, सास गुड्डी और ससुराल में ही रहने वाले शहरूद्दीन के रिश्तेदार कुन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अभियोजन ने कोर्ट में मामले को साबित करने के लिए वादी असलम समेत कई गवाहों को पेश किया। एडीजे दीपेंद्र कुमार सिंह ने सुबूतों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुना दी। संवाद