लखीमपुर खीरी। जन समस्याओं के लिए धरना प्रदर्शन व सरकार विरोधी नारेबाजी के 12 साल पुराने मामले को अदालत ने खत्म कर दिया है। शासन के आदेश पर सरकारी वकील की ओर से वाद वापसी के लिए अदालत में अर्जी दी गई थी, जिसे मंजूरी देते हुए एडीजे पीके सिंह ने मंगलवार को मुकदमा समाप्त कर दिया।
मालूम हो कि तत्कालीन सपा विधायक अरविंद गिरि और तत्कालीन जिलाध्यक्ष शशांक यादव ने अपने साथियों सहित सन 2008 में सरकारी मशीनरी के निष्क्रियता सहित विभिन्न मामलों को लेकर समाजवादी पार्टी के बैनर तले धरना प्रदर्शन करते हुए चौराहा जाम किया था और नारेबाजी करते हुए जनसमस्याओं के निस्तारण की मांग कही थी। इस मामले में अरविंद गिरि, शशांक यादव, कृष्णगोपाल पटेल, आरए उस्मानी, अनुराग पटेल, चंदनलाल वाल्मीकि, सेवक सिंह अजमानी, विनोद यादव, कय्यूम खां सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। बारह साल पहले के इस मुकदमे में कई नेताओं का दल-बदल भी हुआ तो एमएलए कृष्ण गोपाल पटेल का निधन भी हो चुका है। इस मामले में शासन की ओर से मुकदमा वापस की अनुशंसा की गई थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने शासन की मंशा का हवाला देते हुए अदालत से मुकदमा वापस करने की अर्जी दाखिल की। अदालत ने उनसे कई बिंदुओं पर पड़ताल करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को अदालत ने मुकदमा वापसी की अर्जी मंजूर करते हुए मुकदमे के आरोपियों पर चल रही सभी अदालती कार्यवाहियां समाप्त कर दी। बताते चले कि वर्तमान में अरविंद गिरि गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं और शशांक यादव सपा के एमएलसी।