लखीमपुर खीरी। भारी बारिश के चलते माननीयों के खिलाफ लंबित दर्जनों मुकदमों में कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अपर जिला जज कोर्ट नंबर-3 की अदालत में किसी जनप्रतिनिधि के मुकदमे में गवाह पेश नहीं हुए। ऐसे में अदालत ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित सभी मामलों में 13 जुलाई को सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर करते हुए मंगलवार की अदालती सुनवाई आगे बढ़ा दी।
मंगलवार को सुबह से ही बारिश होती रही जिसके चलते जिला अधिवक्ता संघ की ओर से, वादकारियों की अनुपस्थिति में विपरीत आदेश न पारित करने का अनुरोध किया गया। इधर, एडीजे थर्ड की अदालत में सांसद रेखा वर्मा, विधायक अरविंद गिरि, एमएलसी शशांक यादव, पूर्व सांसद दाउद अहमद, पूर्व सांसद जितिन प्रसाद, पूर्व विधायक सुनील लाला, पूर्व विधायक राजेश गौतम आदि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमे सुनवाई के लिए लगे थे। जिसमें पूर्व सांसद जितिन प्रसाद तबीयत खराब होने के कारण मंगलवार को अदालत नहीं पहुंच सके, तो सांसद रेखा वर्मा जिले से बाहर होने के कारण नहीं पहुंची उनकी ओर से हाजिरी माफ किए जाने का अनुरोध किया गया। पूर्व विधायक सुनील कुमार लाला ही व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए, लेकिन उनकी फाइल में कोई गवाह नहीं आया, लिहाजा अदालत ने 13 जुलाई की तिथि मुकर्रर की।
सांसद रेखा वर्मा से मुकदमों की वापसी को अर्जी दाखिल
लखीमपुर खीरी भाजपा सांसद रेखा वर्मा के खिलाफ चुनावी अधिसूचना के उल्लंघन के लंबित दो मुकदमों को शासन ने वापस लेने का फरमान जारी किया है। इसी कड़ी में एडीएम अरुण कुमार के आदेश पर एडीजीसी कौशल किशोर ने एडीजे थर्ड की अदालत में शासनादेश की जानकारी देते हुए सांसद रेखा वर्मा और उनके साथ सह आरोपी के मुकदमे वापस लेने की अर्जी दाखिल की है। इस पर सुनवाई के लिए अदालत ने 13 जुलाई की तारीख मुकर्रर की।
बताते चलें कि सांसद रेखा वर्मा के खिलाफ 27 अप्रैल 2014 को मतदाताओं को अनुचित तरीके से प्रभावित करने के आरोप में ईसानगर थाना क्षेत्र में 171 एच व 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अधीन दर्ज मामला दर्ज कराया गया था, इसके साथ ही दूसरा मामला निषेधाज्ञा के उल्लंघन का है। इस मामले में भी सांसद रेखा वर्मा सहित छह आरोपियों के खिलाफ अरोप पत्र दाखिल है, सभी आरोपी हाजिर नहीं होने के कारण अभी इस मुकदमे में हाजिरी में फाइल चल रही है। इसी क्रम में शासन ने मुकदमा वापस लेने का फरमान जारी किया है।
अरविंद गिरि के खिलाफ वाद वापसी की अर्जी मंजूर
शासन की ओर से इससे पूर्व ही भाजपा विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ लंबित सरकार बनाम बच्चू सिंह शीर्षक के वन विभाग से जुडे़ मामले और सरकार बनाम अरविंद गिरि शीर्षक से लंबित एक मामले को वापस लेने का आदेश दे चुकी है, इसके बाद सरकार की ओर से वाद वापसी अर्जी अदालत में दाखिल की गई थी। सरकार की ओर से दंड प्रक्रिया संहिता 321 का हवाला देते हुए बताया गया कि शासन को अधिकार प्राप्त है कि वह मुकदमा वापस लेने का निर्देश लोक अभियोजक को दे सकती है, इसी नियम के तहत अर्जी दाखिल है। अदालत ने वाद वापसी की अर्जी मंजूर करते हुए दो मामलों की कार्यवाही रोक दी है।