लखीमपुर खीरी। किशुनपुर सेंचुरी क्षेत्र में सन 2006 वन विभाग के गेस्ट हाउस का जबरन ताला खुलवाकर पार्टी करने और शोर शराबा करने के मामले में कोर्ट में लंबित मुकदमा वापसी के लिए सरकार ने निर्देश दिए है, इसके चलते अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजे पीके सिंह की अदालत में अरविंद गिरि सहित कई आरोपियों के खिलाफ लंबित मुकदमा वापसी के लिए अर्जी दाखिल की गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ लंबित चल रहे सरकार बनाम बच्चू सिंह आदि मुकदमे को वापस लेने के लिए अर्जी दाखिल की। सरकार के निर्देश का हवाला देते हुए दाखिल मुकदमा वापसी अर्जी में बताया गया है कि शासन ने व्यापक जनहित में उक्त मुकदमा वापस लेने का निर्देश दिए हैं। हालांकि इससे पहले भी अरविंद गिरि के खिलाफ लंबित चल रहे तीन मामलों में मुकदमा वापसी का निर्देश उत्तर प्रदेश शासन से हो चुका है। मुकदमा वापसी की अर्जी पर सुनवाई के लिए अदालत ने 25 जून की तारीख मुकर्रर की है।
निषेधाज्ञा उल्लंघन के मामले में दाउद अहमद के खिलाफ पेश हुआ गवाह
लखीमपुर खीरी एडीजे पीके सिंह की अदालत में पूर्व सांसद दाउद अहमद के निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर चुनाव प्रचार करने के मामले की मंगलवार को सुनवाई हुई। इस दौरान चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन की बात दोहराते हुए एचसीपी महेश ने पूर्व सांसद दाउद अहमद के खिलाफ गवाही दी।
अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में दाउद अहमद ने नामांकन कराया था। इसी दौरान कांस्टेबल महेश कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि 09 जनवरी 2017 को निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए बसपा प्रत्याशी दाउद अहमद पोस्टर लगवा रहे थे और दीवारों पर पार्टी के समर्थन में वॉल राइटिंग भी कराई थी। अदालत में पेश हुए हेड कांस्टेबल महेश कुमार ने दर्ज कराई गई एफआईआर का समर्थन करते हुए अपनी बात दोहराई। बचाव पक्ष की ओर से लंबी जिरह के बाद गवाही मुकम्मल हो गई। अगली सुनवाई के लिए अदालत ने 25 जून की तारीख मुकर्रर की है।