लखीमपुर खीरी। अपर जिला जज तृतीय प्रवीण कुमार सिंह ने बुधवार को अनुज वधू की हत्या के मुकदमे में जेठ के दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया कि मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम असौव्वा निवासी सत्यपाल ने बहन मीना की शादी गोला थाना क्षेत्र के गोपालापुर निवासी लक्ष्मण के साथ की थी। मीना की शादी के बाद दो बच्चे भी हुए थे, इसी बीच बहनोई लक्ष्मण की मौत हो गई। इसके बाद से ही सत्यपाल अपनी बहन और भांजी-भांजा की देखभाल के लिए गोपालापुर आने-जाने लगा। बहन मीना अक्सर जेठ प्रमोद कुमार के दुर्व्यव्यहार की शिकायत करती थी। इसी बीच 24 जनवरी 2015 की दोपहर सत्यपाल बहन के वहां पहुंचा और भांजे सूरज के साथ बातें कर रहा था। अपराह्न 3.30 बजे बजे मीना बर्तन धो रही थी, तभी उसका जेठ प्रमोद तमंचा लेकर आया और गाली गलौज करते हुए मीना को दो गोलियां मार दी। आनन-फानन में घायल मीना को सत्यपाल अस्पताल लाया, जहां इलाज के दौरान उसी दिन रात आठ बजे मीना की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के दौरान चार फरवरी को हत्यारोपी प्रमोद को घटना में प्रयुक्त 315 बोर के तमंचे सहित गिरफ्तार कर लिया। विवेचक ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। अदालत ने दोनो पक्षों को सुनने और आरोपी पर दोष साबित होने के बाद एडीजे पीके सिंह ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए जेठ प्रमोद को हत्याभियुक्त करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही हत्याभियुक्त पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।