बुधवार से फिर होगी दुधवा के गैंडों की गिनती
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर ने बताया कि डीएनए सैंपल लेने के साथ ही गैंडों की गणना भी की जाएगी। बुधवार से दुधवा में चल रहे गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-1 और फेज दो में कैमरा ट्रैपिंग और हाथियों से भ्रमण कर भौतिक रूप से दिखने वाले गैंडों की गिनती की जाएगी। गैंडों की गणना के साथ उनकी विशिष्ट पहचान भी अंकित की जाएगी इसके लिए कैमरों और गैंडा विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी।
पिछले साल अधूरी रह गई थी गैंडों की गणना
पिछले साल 20 और 21 अप्रैल 2022 को दो दिन दुधवा के गैंडों की गणना हुई थी। इस दौरान गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र के एक तिहाई हिस्से में पानी भरा होने के कारण केवल 75 फीसदी क्षेत्र में ही गैंडों की गणना हो पाई थी। 41 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले गैंडा पुनर्वासन क्षेत्र के सिर्फ 31 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में गणना हुई।
यानि 25 फीसदी क्षेत्रफल में गणना नहीं हो सकी। गैंडों की यह गणना असम से आए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के गैंडा परियोजना प्रमुख डॉ. अमित शर्मा के निर्देशन में हुई थी। इस 75 फीसदी एरिया में 40 गैंडों की गिनती की गई। इनमें 28 वयस्क, चार उपवयस्क, और आठ शिशु शामिल थे। 28 वयस्क गैंडों में सात नर और 16 मादा गैंडे थे।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर बी. प्रभाकर ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में चल रही गैंडा पुनर्वासन योजना फेज-1 और फेज-2 में गैंडों की गणना का काम मंगलवार से शुरू हो रहा है। गैँडों के डीएनए सैंपल लेने और गणना करने का काम साथ-साथ जारी रहेगा।