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महिला समूहों की बनाई पीपीई किट सेना को भी भायी

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लखीमपुर खीरी। कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही जंग में सीडीओ अरविंद सिंह के प्रयास से शुरू हुए ऑपरेशन कवच को बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाई जा रही पीपीई किट को शासन के बाद भारतीय सेना ने भी खरीदने की इच्छा जताई है। सेना के बेस हास्पिटल में डॉक्टरों द्वारा किट के सैंपल को जांच में पास किए जाने के बाद नार्दन कमांड लखनऊ के ब्रिगेडियर एन रामकृष्णन ने दो हजार पीपीई किट सप्लाई करने का आर्डर सीडीओ को दिया है। इसके अलावा सेना की ही 41 इंफ्रेंटी ब्रिगेड ने 40 और एसएसबी की 39वीं वाहिनी ने 30 पीपीई किट का आर्डर दिया है।
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महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा बनाई जा रही पीपीई किट को शासन स्तर पर परीक्षण के बाद मंजूरी मिलते ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने भी 500 किट खरीदने का आर्डर दिया था। महिला समूहों द्वारा बनाई जा रही किट की कई खासियत हैैं, जिसमें सबसे प्रमुख इसकी गुणवत्ता का बाजार में बिक रही किटों के मुकाबले कई गुना बेहतर होना है। दूसरा कारण बाजार में 800 से 1000 रुपये में बिक रही पीपीई किट के मुकाबले समूहों की बनाई किट 550 रुपये में दी जा रही है। इसमें महिला समूहों का पारिश्रमिक भी शामिल है। सीडीओ के मुताबिक पांच ब्लॉकों ईसानगर, निघासन, लखीमपुर, पलिया, कुंभी के करीब 30 महिला समूह पीपीई किट बनाने के काम में जुटे हैं। किट बनाने के लिए मैटेरियल पालीप्रापलिन (लैमिनेटेड) की आपूर्ति लखनऊ समेत अन्य शहरों से कराई जा रही है। संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ ही पीपीई किट की डिमांड बढ़ती जा रही है। सीडीओ ने कहा कि सेना के बेस हास्पिटल के डॉक्टरों ने महिला समूहों की बनाई किट को काफी पसंद किया है, जो परीक्षण में बाजार में बिक रही पीपीई किट से अच्छी गुणवत्ता की साबित हुई है। उन्होंने कहा कि कोरोना से जंग में पीपीई किट की आवश्यकता है डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों और सेना को भी है। हमारा राजधर्म है कि देश के लिए लड़ रहे कोरोना फाइटर्स को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि समूह की एक महिला सदस्य दिन में दो पीपीई किट तैयार करती है। इससे प्रतिदिन 400 से 500 किट बनाई जा रही हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव ने भी सराहा
एनआरएलएम की महिला समूहों द्वारा बनाई जा रही पीपीई किट को लेकर ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के सचिव ने भी सराहना की है। सीडीओ के प्रयास को महिला समूहों द्वारा सफल बनाए जाने पर मंत्रालय ने अपने फेसबुक हैंडल पर भी इसे शेयर किया है।
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हमारी प्राथमिकता सबसे पहले सरकारी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस और सेना को पीपीई किट मुहैया कराने की रहेगी। सेना ने महिला समूहों की बनाई किट को उसकी गुणवत्ता के कारण काफी पसंद किया है। सेना से आर्डर मिलने के बाद राष्ट्रहित में पीपीई किट बनाने की क्षमता बढ़ाई जा रही है। हालांकि मैटेरियल मिलने में लॉकडाउन की वजह से कुछ समस्याएं भी आ रही हैं।
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-अरविंद सिंह, सीडीओ
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