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कोरोना : 11 और मिले संक्रमित

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बाजार में बिना मास्क खरीददारी करतीं युवतियां - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर। जिले में कोरोना संक्रमितों के मिलने का सिलसिला नहीं थम रहा है। रोजाना संक्रमित मिल रहे हैं। मंगलवार को फिर से 11 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस सबके बाद भी लोग संजीदा नहीं हो रहे हैं। सतर्कता नहीं बरती जा रही है। लोग न तो मास्क लगा रहे हैं और न ही सामाजिक दूरी के नियम का पालन कर रहे हैं।
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चिकित्सकों का कहना है कि कोविड प्रोटोकॉल अपनाकर ही कोरोना से बचा जा सकता है। इससे आप अपने साथ-साथ दूसरों को भी हिफाजत कर सकते हैं मगर जिले में ऐसा नहीं हो रहा है। लोग मास्क लगाने के लिए जागरूक नहीं हो रहे। यह हाल तब है जब रोजाना संक्रमित मिल रहे हैं। मंगलवार को फिर ग्यारह लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इससे पहले शनिवार को 10, रविवार को पांच, सोमवार को चार लोग संक्रमित मिले थे। इससे जिले में निरंतर संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। जिले में एकिटव संक्रमितों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है।
बूस्टर डोज लगवाने के लिए भटक रहे 26 लाख लोग
मोबाइल पर रोज आ रहे मेसेज, वैक्सीनेशन का जिले में इंतजाम तक नहीं
दूसरे जिलों में जाकर बूस्टर डोज लगवाने के लिए मजबूर हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। जिले में 18 से 60 साल तक के लोगों को बूस्टर डोज लगाने का इंतजाम अभी तक नहीं हो सका है। जबकि संक्रमितों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। ऐसे में करीब 26 लाख लोग एहतियाती डोज लगवाने के लिए भटक रहे हैं, क्योंकि शासन ने सरकारी अस्पतालों में 60 वर्ष से कम आयु के लोगों के बूस्टर डोज लगवाने की व्यवस्था बंद कर दी है। इसकी जिम्मेदारी निजी अस्पतालों के हवाले की है। बूस्टर डोज के लिए लोगों को शुल्क भी अदा करना होगा। मगर, अभी तक जिला प्रशासन इन लोगों के बूस्टर डोज लगवाने के लिए एक भी निजी अस्पताल को तैयार नहीं कर पाए हैं। इसके लिए लोग सीतापुर और लखनऊ जाने के लिए मजबूर हैं।
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कोरोना की दूसरी लहर के बाद लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। इसमें 18 से 60 साल तक के करीब 26 लाख लोगों को पहली और दूसरी डोज लगवाई गई। इसके बाद इनको बूस्टर डोज देने की योजना बनाई गई। इमसें 60 से साल से अधिक उम्र के लोगों के साथ हेल्थ वर्कर एवं फ्रंटलाइन वर्करों को सरकारी अस्पताल में बूस्टर डोज देने की शुरूआत हुई मगर साठ से कम और 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज देने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को सौंपी।
इसके लिए बाकायदा शुल्क निर्धारित कर शासन ने जिला प्रशासन को निजी अस्पतालों को बूस्टर डोज लगाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। इसके बावजूद जिले का एक भी अस्पताल कोविड टीकाकरण की बूस्टर डोज लगाने के लिए आगे नहीं आ रहा है। जिले में करीब 26 लाख लोगों के बूस्टर डोज लगनी है। इसको लेकर यह सभी परेशान हैँ। यह स्थिति तब है जब एक बार फिर से कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। मगर, स्वास्थ्य विभाग 18 से 60 साल तक के लोगों को प्रिकॉशन डोज लगवाने की व्यवस्था नहीं करवा पा रहा है।
उम्र - लक्ष्य- पहली डोज- दूसरी डोज
18 से अधिक- 2749495-2891584-2618434
‘18 से 60 साल तक के लोगों को बूस्टर डोज लगवाने के लिए निजी अस्पताल संचालकों से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। कुछ लोगों ने इसके लिए मन भी बनाया है। जल्द ही जिले में भी 18 से 60 साल तक के लोगों के बूस्टर डोज लगने लगेगी।’
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- डॉ. शैलेंद्र भटनागर सीएमओ
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