पलियाकलां। जिला अस्पताल में होमगार्ड की मौत हो गई, परिवार का आरोप है कि ऑक्सीजन न मिलने से उसकी जान गई।
पलिया कोतवाली में तैनात रिक्खीपुरवा निवासी होमगार्ड राजेश तिवारी के पुत्र सुशील तिवारी ने बताया कि 29 अप्रैल को उनके पिता बहराइच के नानपारा से पंचायत चुनाव की ड्यूटी पूरी कर आए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल को एंटीजन जांच करवाई, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सुशील ने बताया कि ऑक्सीजन की दिक्कत होने पर शाम को छह बजे वह अपने पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। पुत्र सुशील तिवारी के मुताबिक जब तक उनके पिता एमरजेंसी में रहे, उन्हें ऑक्सीजन दी गई। बाद में जनरल मेडिकल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया, आरोप लगाया कि ऑक्सीजन के अभाव में पिता की शुक्रवार की रात साढ़े नौ बजे मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि राजेश के कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना प्रशासन को दी थी, मगर, कोई सहायता नहीं मिली। चर्चा यह भी है कि वह संक्रमित था, यहां बता दें कि जिला अस्पताल में संक्रमितों का इलाज नहीं होता। इधर जिला अस्पताल ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया है।
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जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमितों का इलाज नहीं होता है। जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीज की जांच कराई जाती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इलाज के लिए जगसड़ भेजा जाता है। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित होमगार्ड की मौत होने की जानकारी नहीं है।
-डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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होमगार्ड को घरवाले सीएचसी लेकर आए थे, लेकिन कोई रिपोर्ट नहीं दिखाई थी, उसको इंजेक्शन लगाकर सघन इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
-एच एन वरुण, सीएचसी अधीक्षक, पलियाकलां