लखीमपुर खीरी। जिस तरह यहां कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही बरती जा रही है, उससे आने वाले दिनों में जिलेवासियों की मुसीबत बढ़ सकती है। दिल्ली और एनसीआर से जिले में रोजाना एक से डेढ़ हजार मुसाफिर रोडवेज और निजी बसों से आते हैं। न तो इनका एआरटीओ के पास कोई रिकार्ड हैं और न ही गोला डिपो प्रशासन के पास। इससे दिल्ली से आ रहे लोगों में से कुछ की ही कोरोना जांच हो पाती है। ऐसे में सैकड़ों लोग बिना जांच के ही गांव से लेकर शहरों में घूम रहे हैं। जिले में ये लापरवाही तब है जब मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने सीएमओ को दिल्ली से आ रहे यात्रियों की शतप्रतिशत जांच के निर्देश दिए हैं।
जिले से लखीमपुर दिल्ली के बीच दो दर्जन से अधिक बसें दौड़ रही हैं, जिसमें गोला डिपो की करीब 14 बसें दिल्ली रूपईडिहा के बीच संचालित होती हैं। इनसे करीब एक हजार यात्री रोजाना दिल्ली से जिले में आते हैं। जबकि दिल्ली से आने वाली निजी बसों की संख्या जिम्मेदारों के पास नहीं है। दिल्ली से आ रहे मुसाफिर कहीं जिले में संक्रमण न फैला दें, इसको लेकर शासन और प्रशासन दोनो अलर्ट हैं। संक्रमण की रोकथाम को लेकर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा ने डीएम को दिल्ली से आने वाले यात्रियों की जांच कराने के निर्देश दिए। इस पर सीएमओ ने यात्रियों के नाम, पते और मोबाइल नंबर युक्त सूची मुहैया कराने के लिए एआरटीओ और परिवहन निगम के लखीमपुर व गोला डिपो के एआरएम को 20 नवंबर को पत्र लिखा था। मगर, इसको लेकर न तो स्वास्थ्य महकमा गंभीर है और न ही एआरटीओ और एआरएम। ऐसे में दिल्ली से आकर कोई भी संक्रमित मुसीबत बन सकता है।
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389 यात्रियों की हुई कोरोना जांच
गोला डिपो प्रशासन की लापरवाही के चलते 25 नवंबर से चार दिसंबर तक केवल 389 यात्रियों की ही कोरोना जांच हो सकी। जबकि एक बस में रोजाना सौ के अधिक यात्री आवागमन करते हैं। डिपो के एक जिम्मेदार ने बताया कि एक बस में दिल्ली से रोजाना कम से कम 50 यात्रियों के आने का औसत है। यात्री जिले की सीमा में प्रवेश करते ही उतरना शुरू कर देेते हैं। जांच सिर्फ उनकी ही होती है जो गोला से आगे लखीमपुर एवं रूपईडिहा के लिए जाते हैं। जो लोग रास्ते में उतर जाते हैं उनका कोई रिकार्ड नहीं है।
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सीएमओ का पत्र हमें नहीं मिला। अधिक जानकारी के लिए केंद्र प्रभारी से संपर्क करें। जैसा भी कुछ होगा वही बता पाएंगे।
-एसके नागर, एआरएम गोला डिपो
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ट्रांसपोर्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि दिल्ली से आने वालों की सूची सीएमओ कार्यालय पर उपलब्ध कराएं। दिल्ली से आने वालों की संख्या की जानकारी नहीं है।
-रमेश कुमार चौबे, एआरटीओ
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पिछले 20 दिन से दिल्ली के लिए बस संचालन बंद है। दिल्ली के लिए चलने वाली बसों का नवीनीकरण होना है। इसके लिए वह हरदोई गई हैं। संचालन शुरू होने पर यात्रियों का डाटा जुटाकर सौंप दिया जाएगा।
-एसपी सिंह, एआरएम लखीमपुर
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दिल्ली से आने वालों की कोरोना जांच के लिए एआरटीओ और एआरएम को पत्र लिखे हुए 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। रोजाना 15 से 20 की सूची ही मिल रही है। जबकि दिल्ली से आने वालों की संख्या इससे कई गुना ज्यादा है।
-डॉ. आरपी दीक्षित, एसीएमओ