लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण का फैलाव रोकने के लिए किए जा रहे दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। न तो लोगों में खौफ है और न ही जिम्मेदार इसको लेकर सतर्क हैं। ऐसे में जिला से लेकर महिला अस्पताल में दवा लेने के लिए रोजाना सैकड़ों की भीड़ उमड़ती है। सबसे ज्यादा हालात महिला अस्पताल के खराब है। न तो दवा लेने आए मरीज ही कोरोना से बचने को लेकर सतर्क हैं और न ही जिम्मेदार कोरोना की गाइड लाइन का पालन कराने को लेकर सजग हैं। ऐसेे में संक्रमण रोकने को लेकर शासन की ओर से की जा रही कवायद पर पानी फिरना तय है।
महिला अस्पताल का हाल सबसे बेहाल
महिला अस्पताल में रोज ही गर्भवती महिलाओं की इसी तरह भीड़ लगती है। जबकि महिला अस्पताल स्टाफ के कई लोग संक्रमित मिले हैं। ऐसे में इस तरह लाइन में लगकर पर्चा बनवाना महिलाओं को मुसीबत में डाल सकता है। इसके बावजूद न तो महिलाएं जागरूक हैं और न ही अस्पताल प्रशासन।
जिला अस्पताल में भी सामाजिक दूरी का उल्लंघन
जिला अस्पताल में भी कोरोना गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा है। पर्चा काउंटर से लेकर दवा वितरण काउंटर पर काफी भीड़ रहती है। न तो मरीज सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हैं और न ही उनके साथ आए तीमारदार। जबकि जिला अस्पताल में रोजाना संक्रमितों का आना जाना रहता है।
बिना मास्क बातों में मशगूल महिलाएं
जिला अस्पताल आई महिलाओं को कोरोना का खौफ नहीं है। बिना मास्क दवा लेेने आई महिलाएं पेड़ के नीचे बैठकर बातों में ऐसे मशगूल हैं कि जैसे वह घर में बैठी हों। जबकि जांच रिपोर्ट के लिए रोजाना संक्रमित जिला अस्पताल आकर एक दूसरे से पूछते हुए पूछताछ कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने की संभावना ज्यादा रहती है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए महिलाओं को निरंतर जागरूक किया जाता है। महिलाएं मास्क लगाए और सामाजिक दूरी का पालन करे, इसके लिए सुरक्षा गार्ड भी तैनात हैं।
- डॉ.नसरीन, सीएमएस महिला अस्पताल
बिना मास्क के जिला अस्पताल आने पर पाबंदी लगा रखी है। मरीज और तीमारदारों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जाता है।
- डॉ. आरसी अग्रवाल, सीएमएस, जिला अस्पताल