पलियाकलां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह जुलाई को कोविड वैन की स्वास्थ्य टीम ने जिन लोगों के सैंपल लिए थे उनमें पांच कोरोना संक्रमित मिलने के बाद महकमा इनमें से अब तक दो संक्रमितों को खोज नहीं सका। काफी खोजबीन के बाद जब कोई जानकारी नहीं लगी तो अब लखनऊ में हो रही फीड़िंग की गल्ती बताते हुए पल्ला झाड़ा जा रहा है। हैरत की बात तो यह है कि जिस टीम ने सैंपल लिया था उसने संबंधित व्यक्ति का नाम पता नोट करने की जहमत नहीं उठाई। उसी का नतीजा है कि संबंधित व्यक्ति ने जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया था उससे उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। यदि संक्रमित व्यक्ति इलाके का हुआ तो वहां स्थिति और खराब सकती है।
बता दें कि छह जुलाई को जिले से कोविड टेस्ट के लिए मोबाइल वैन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। यहां कई लोगों की जांच की गई थी जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। दस जुलाई को पलिया इलाके के पांच लोगों के नमूने पॉजिटिव पाए गए थे। जिसपर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम ने उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल नंबर के सहारे कोरियाना गांव निवासी एक युवक के पास टीम पहुंच गई थी। रानीनगर गांव में टीम पहुंची तो यहां बालिका के पिता ने कभी जांच न कराए जाने की बात कही। जिसके बाद टीम ने अगले दिन उसका सैंपल जांच के लिए भेजा। उधर बमनगर निवासी युवती को भी टीम ने ढूंढ लिया, जिसको जांच के लिए भेजा गया। बाकी बचे दो लोगों की काफी छानबीन की गई लेकिन उनतक टीम नहीं पहुंच सकी। जिसपर दोबारा से लखनऊ में लखीमपुर के जरिए संपर्क करने पर फीडिंग में दिक्कत आने की बात हुई। जिसपर स्वास्थ्य विभाग ने इन लोगों की तलाश बंद कर दी। फिलहाल यहां तीन एक्टिव केस हैं जिनमें एक युवक कोविड अस्पताल में जबकि बालिका व युवती की रिपोर्ट आना बाकी है।
पलिया में आईं रिपोर्ट के मुताबिक एक कोरियाना गांव का युवक कोविड अस्पताल में है। रानीनगर गांव की बालिका और बमनगर निवासी एक युवती की रिपोर्ट आनी शेष है। जिसका स्वास्थ्य विभाग इंतजार कर रहा है, रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ एचएन वरुण
सीएचसी अधीक्षक, पलिया