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कोरोना कैरियर को ट्रेस करना हुआ मुश्किल

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लखीमपुर खीरी। कोरोना को लेकर जिस खतरे के प्रति आगाह किया जा रहा है, उसके संकेत मिलने लगे हैं। अब कोरोना कैरियर को ट्रेस करना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसा आपदा विशेषज्ञ के मामले में हुआ है, जिसमें वह खुद नहीं जानते कि वह कैसे संक्रमण की चपेट में आए, क्योंकि 22 मार्च 2020 को लॉकडाउन घोषित होने के बाद से अब तक कहीं बाहर की यात्रा नहीं की, बल्कि अपने घर ऋषिकेश (उत्तराखंड) भी नहीं गए। कलक्ट्रेट स्थित आपदा राहत के दफ्तर में रहे और कोरोना संक्रमित हो गए।
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जनपद में 62 हजार से अधिक दूसरे राज्यों और जनपदों से प्रवासी आ चुके हैं, जिनमें से करीब 150 प्रवासियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। ज्यादातर कोरोना संक्रमण के मामले दिल्ली और महाराष्ट्र से आए प्रवासियों में निकले। अब लखनऊ और बरेली से घूमकर आने वाले नागरिक भी कोरोना की चपेट में आने लगे हैं। लखनऊ स्थित अपने मायके से मोहल्ला ईदगाह लौटी महिला के संपर्क में आने से उसके ससुराल के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। जबकि मोहल्ला पटेलनगर में भी एक परिवार के तीन सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। रविवार को आई रिपोर्ट में बरेली स्थित मायके से पसगवां क्षेत्र के गांव मकसूदपुर में लौटी महिला भी कोरोना पॉजिटिव मिली है। हालात यह हो गए हैं कि शहर के आधा दर्जन से अधिक मोहल्लों में कोरोना संक्रमण दस्तक दे चुका है, जबकि गांवों की संख्या भी करीब दो दर्जन से अधिक हो चुकी है। कलक्ट्रेट के दफ्तर में काम करने वाले आपदा विशेषज्ञ के संक्रमित मिलने के बाद उनके साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल दिया है। इसके अलावा उन कर्मचारियों के संपर्क में आने वाले अन्य कर्मचारियों में भी दहशत है।
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