लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालय एक जुलाई से खोल दिए गए हैं, जिनमें शिक्षकों को विभागीय कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद में दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के काफी शिक्षक कार्यरत हैं, जो हाल ही में ड्यूटी पर लौटे हैं। कोरोना संक्रमण के मामलों में सबसे ज्यादा दिल्ली और मुंबई से आए प्रवासी संक्रमित मिले हैं, जिससे शिक्षकों के भी संक्रमित होने की संभावना ज्यादा हैं। लिहाजा बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने ऐसे शिक्षकों की कोरोना जांच कराने के प्लानिंग शुरू कर दी हैं।
जनपद में 3856 परिषदीय विद्यालय हैं, जिनमें करीब 13 हजार शिक्षक कार्यरत हैं। इन शिक्षकों में करीब 500 से अधिक शिक्षक ऐसे भी हैं, जो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ आदि के रहने वाले हैं। लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर शिक्षक अपने घरों (गृह जनपद) को चले गए थे। जुलाई में विद्यालय खुलने के चलते शिक्षक भी अपने घर से ड्यूटी पर लौटे हैं। हाल ही में दिल्ली समेत एनसीआर से आने वाले प्रवासी श्रमिक और कई पुलिसकर्मी भी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इससे बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों और अधिकारियों में भी खलबली मची है, जिसे दूर करने के लिए बीएसए ने ऐसे शिक्षकों की कोरोना जांच कराने का निर्णय लिया है, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। बीएसए ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए दिल्ली और एनसीआर से आए शिक्षकों की कोरोना जांच कराई जाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही दूसरे जनपदों से आए शिक्षकों का सैंपल लेने की प्रक्रिया प्रारंभ करा दी जाएगी।