महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। रविवार रात 70 लोगों की आई कोरोना रिपोर्ट में शहर से सटे सिंगनिया गांव निवासी एक युवक कोरोना संक्रमित मिला है, जिसके बाद डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने गांव को कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया है। पुलिस ने सिंगनिया गांव को सील कर दिया है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। जिले में अब कंटेन्मेंट जोन की संख्या 15 हो गई है।
मेडिकल टीम ने सोमवार को पूरे गांव को सेनिटाइज किया। संक्रमित युवक को एल वन जसगड़ अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। डॉक्टरों ने पॉजिटिव मिले युवक के परिवार के सदस्यों समेत 13 अन्य लोगों को सैंपलिंग के लिए जिला अस्पताल भेजा है। संक्रमित युवक 28 मई को दिल्ली से अपने गांव लौटा था। युवक फर्नीचर बनाने का काम कर रहा था। होम क्वारंटीन के दौरान वह अपने परिवार के बीच पुराने घर पर था। घर वालों को जब उसके संक्रमित होने की खबर लगी, तो उसे खाली पड़े दूसरे घर में भेज दिया लेकिन पुलिस-प्रशासन को सूचना नहीं दी। डॉक्टरों को आशंका है कि परिवार के अलावा कुछ मित्र भी उसके संपर्क में आए होंगे। फिलहाल मेडिकल टीम डोर-टू-डोर सर्वे कर रही है। निगरानी समिति के सदस्य ग्रामीणों से सावधानी बरतने, हैंडवाश, मास्क, सामाजिक दूरी और सेनिटाइजर का इस्तेमाल की अपील कर रहे है।
लापरवाही: दोपहर तक नहीं हुई बैरिकेडिंग
महेवागंज सिंगनिया गांव निवासी एक युवक की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी गांव की गलियों में बैरिकेडिंग नहीं की गई। हद तो यह कि सोमवार दोपहर तक जिम्मेदारों ने सुधि नहीं ली। पुलिस से लेकर समिति सदस्य तक एक दूसरे का मुंह ताकते रहे। इतने संवेदनशील मामले में भी लापरवाही बरती गई। इस बीच लोगों का आवागमन बना रहा। चौकी प्रभारी पारसनाथ ने बताया कि बैरिकेडिंग की व्यवस्था के लिए प्रधानपति कमालुद्दीन से कहा गया है। गलियों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। होमगार्ड ड्यूटी पर तैनात किया गया है।
चार संक्रमित लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई, बरखेरिया जाट के लोगों ने ली राहत की सांस
जंगबहादुरगंज-उचौलिया महाराष्ट्र के ठाणे से आए प्रवासियों में दो बच्चों सहित चार लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद 17 मई को ग्राम पंचायत बरखेरिया जाट कंटेन्मेंट जोन घोषित कर दिया गया था लेकिन दोबारा हुई जांच मे सभी लोग निगेटिव आ गए हैं। ऐसे में यहां के लोगों ने राहत की सांस ली है। तहसीलदार मोहम्मदी विकास धर दुबे ने बताया कि 21 दिन पूरे होने और कोई नया केस न मिलने पर कंटेन्मेंट जोन खत्म होगा। इधर, कस्बा जंगबहादुरगंज में फिलहाल प्रशासन ने कोई ढील नहीं दी है।