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अब तक सिर्फ सात फीसदी लोगों की जांच..खतरों से खुद बचें

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लखीमपुर खीरी। जिले में अब तक सिर्फ सात फीसदी प्रवासी मजदूरों और अन्य लोगों की जांच हुई है जबकि 93 फीसदी प्रवासी मजदूर होम क्वारंटीन है, चोरी छिपे आए श्रमिकों की संख्या अलग है। इसमें सिर्फ दो हजार से अधिक की जांच में ही कई लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जांच को लेकर यदि गंभीरता और तेजी नहीं दिखाई गई तो यह लोग प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि खतरों को लेकर खुद सावधान रहा जाए और गाइड लाइन का पालन किया जाए। इस संबंध में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इन लोगों की लगातार निगरानी की जा रही है और जांच के लिए सैंपल भी भेजे जा रहे हैं।
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जिले में प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तक यहां करीब 32 हजार प्रवासी मजदूर आ चुके हैं जिनमें 30,532 को होम क्वारंटीन किया गया है, जिसमें सिर्फ 2056 की कोरोना जांच हुई है जिसमें 61 मामले पॉजिटिव मिले हैं। इसमें 31 मामले निगेटिव हो चुके हैं जबकि 30 लोग अब भी कोविड अस्पताल में भर्ती हैं। कई कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अब तक जनपद में 11 कंटेन्मेंट जोन घोषित किए जा चुके हैं, जिसमें शहर के तीन मोहल्ले हिदायतनगर, नौरंगाबाद और रामनगर भी शामिल हैं। इन कंटेन्मेंट जोन में कोरोना संक्रमित प्रवासी व्यक्तियों के परिवारों के कुछ सदस्य भी जांच में संक्रमित मिले हैं।
इस महीने दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या 32 हजार को पार कर चुकी है। इन्हीं प्रवासी श्रमिकों में कई कोरोना पॉजिटिव और बाद में जांच के दौरान इनके परिजन भी संक्रमित मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में आगे आने वाली जांच रिपोर्ट में कई और लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कोविड कंट्रोल रूम के मुताबिक इस समय 30,532 प्रवासियों को होम क्वारंटीन में रखा गया है, इनमें ही सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस मिलने का खतरा बना हुआ है। क्योंकि 11 कंटेन्मेंट जोन घोषित होने के पीछे यही कारण रहा कि होम क्वारंटीन में रह रहे प्रवासी जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसके बाद उनके परिवार वाले भी संक्रमण का शिकार हुए। इधर, कंटेन्मेंट जोन में सिर्फ बैरिकेडिंग की गई है, लेकिन नियमों का पालन कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया है, इसलिए यहां अब भी खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों ने इस संबंध में सतर्कता बढ़ाए जाने और जांच में तेजी लाने पर बल दिया है। ऐसे में आवश्यक है कि न सिर्फ खुद सावधान रहा जाए बल्कि निर्धारित गाइड लाइन का पालन किया जाए।
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निगरानी समितियों पर बड़ी जिम्मेदारी
होम क्वारंटीन किए गए प्रवासी श्रमिकों को घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह प्रतिबंध है, जिससे कम्यूनिटी में संक्रमण का खतरा न रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानों की अगुवाई में निगरानी समितियां होम क्वारंटीन प्रवासियों की निगरानी में लगी हैं, जबकि नगर क्षेत्रों में सभासदों के नेतृत्व में निगरानी समितियां काम कर रही हैैं। ऐसे में इन लोगों की जिम्मेदारी सबसे अधिक है।
कोरोना का हाल
कुल प्रवासी श्रमिक-32 हजार
कुल होम क्वारंटीन-30,532 प्रवासी
कोरोना पॉजिटिव आए कुल-61
कोरोना निगेटिव आए-31
शेष कोरोना पॉजिटिव-30
ये लोग मिले थे पॉजिटिव
दो डॉक्टर, एक बैटरी कारोबारी, पलिया का एक युवक, 55 प्रवासी मजदूर और उनके दो बच्चे
लैब में प्रतिदिन सैंपल टेस्ट करने की क्षमता निश्चित संख्या तक सीमित है। प्रदेश के सभी जनपदों से सैकड़ों सैंपल जांच को जा रहे हैं, घबराने की कोई बात नहीं है, क्योंकि होम क्वारंटीन प्रवासियों की निगरानी में टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।
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-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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