लखीमपुर खीरी। मनोचिकित्सक के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद उनके संपर्क में आने वालों यहां तक कि उनकी पत्नी की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आई है, पर इसका मतलब यह नहीं है कि जिले से कोरोना का खतरा टल गया है। सभी को लॉकडाउन का पालन करते हुए सतर्कता बरतने की जरूरत है क्योंकि जिले में प्रवासी मजदूरों का रोजाना आना जारी है और चूक भी आपको कोरोना संक्रमित कर सकती है।
बिना मास्क के बाजार में बढ़ा रहे भीड़
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों को मास्क लगाने के लिए निरंतर जागरूक किया जा रहा है। इसके बाद भी शहर के लोग लापरवाही बरत रहे हैं। घर से मास्क लगाए बिना ही बाजार पहुंचते हैं और वहां भी सामाजिक दूरी के नियमों का उल्लंघन करते हैं।
युवाओं को न तो अपनी फिक्र है, न ही घर वालों की। बिना मास्क के ही घर से बाइक लेकर निकल रहे हैं। पुलिस के रोकने पर तमाम बहाने बताते हैं। बुधवार को गोला रोड पर बिना मास्क मिले बाइक सवार युवक का ट्रैफिक पुलिस ने चालान कर चेतावनी देकर घर वापस भेज दिया।
बेेधड़क सड़कों पर बाइक दौड़ा रहे लोग
सड़कों पर बेधड़क दो से लेकर चार पहिया वाहन दौड़ रहे हैं। जबकि डॉक्टर में कोरोना की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बावजूद इसके सड़कों पर वाहन कम नहीं हुए हैं।
ग्रीन जोन में बने रहने के लिए इस तरह जिला प्रशासन का करें सहयोग
बेवजह घर से न निकलें, इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम रहेगा। विषम परिस्थितियों में मास्क लगाकर ही निकलें। बाजार में सामाजिक दूरी (कम से कम एक मीटर) का पालन करें। जहां पर भीड़ भाड़ ज्यादा होने की संभावना हो, वहां न जाएं। लॉकडाउन के नियमों का पालन करें। आधे से एक घंटे पर हाथ धोते रहें, बाहर से पहुंचने पर अवश्य धोएं। सात-आठ घंटे बाद मास्क अवश्य बदल दें। खांसी, जुकाम, बुखार व सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टर को दिखाएं। न बीमारी छिपाएं और न ही आसपास किसी संदिग्ध की जानकारी।
पलिया: बिना शेड्यूल खुली दुकानों को नायब तहसीलदार ने कराया बंद
भीरा कस्बे में नायब तहसीलदार ने पैदल गश्त करते हुए शेड्यूल का उल्लंघन कर खुली दुकानों के दुकानदारों की जमकर फटकार लगाई। कई दुकानों को बंद भी करा दिया।
जब से लॉकडाउन में दुकानों को खोलने में छूट दी गई है तब से कई दुकानदार निर्धारित शेड्यूल के बिना भी अपनी दुकानें खोलने से परहेज नहीं कर रहे हैं। सामाजिक दूरी का पालन न करते हुए मास्क आदि का प्रयोग भी नहीं करते हैं और बेवजह की भीड़ दुकानों पर लगाते हैं। इसी का निरीक्षण करने नायब तहसीलदार प्रज्ञा अग्निहोत्री पुलिस बल के साथ भीरा कस्बा में निकलीं। इस दौरान भीरा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह भी साथ रहे।
संपूर्णानगर: बैंकों व बाजारों में नहीं दिख रही सामाजिक दूरी, लगती है भीड़
बैंकों-बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन होता दिखाई नहीं दे रहा है। इलाहाबाद बैंक में सुबह से ही बगैर सामाजिक दूरी के ग्रामीणों की भीड़ लगी रहती है। कुछ तो बिना मास्क के नजर आते हैं। महिला आरक्षी भी लोगों को लाइन में खड़े करने के लिए जद्दोजहद करती नजर आती हैं।
इधर, कस्बा व सुमेरनगर बाजार में कुछ व्यापारियों द्वारा बिना शेड्यूल के ही दुकानों को खोल दिया जाता है। आधा शटर उठाकर लगातार व्यवसाय करते नजर आ रहे हैं। बुधवार को इलाहाबाद बैंक में सुबह से ही ग्रामीणों की भीड़ लग गई। यहां लॉकडाउन के नियमों का पालन होता नहीं दिखा।
पुलिस ने दिखाई सख्ती तब हटी भीड़
महेवागंज जरा सी ढील क्या मिली लोग लॉकडाउन का मतलब ही भूल बैठे। दुकानदार भी नियमों और शेड्यूल की परवाह नहीं कर रहे। उन पर पुलिस की चेतावनी का भी असर नहीं हो रहा। मंगलवार शाम पुलिस ने शहर में गश्त बढ़ाई तो कई जगह उसे लॉकडाउन का पालन होता नहीं मिला। दुकानों पर भीड़ दिखी, तो अधिकतर के मुंह पर मास्क भी नहीं मिला। इस पर पुलिस का पारा चढ़ गया। मेला मैदान रोड स्थित दूध और मिष्ठान भंडार पर ग्राहकों की भीड़ में सामाजिक गैप न देख गश्त कर रहे महिला थाने के दरोगा ने दुकानदार को जमकर फटकार लगाई। महिला आरक्षियों ने लोगों को मास्क लगाने की हिदायत दी। कुछ दुकानें भी शेड्यूल से इतर खुली मिली। इस पर पुलिस ने दोबारा गलती न होने की चेतावनी दी।
ममरी में लॉकडाउन का उल्लंघन
ममरी हैदराबाद थाना और अजान पुलिस चौकी की ढील से सड़कों पर बुधवार को भी लॉकडाउन का उल्लंघन होता रहा। बाइक सवारों की भीड़ रही। लोग तीन सवारियां बैठाकर बे रोकटोक बाइक दौड़ाते रहे। बैंकों में भी सामाजिक दूरी का उल्लंघन होता रहा, लेकिन टोकने वाला कोई नहीं दिखा।
लोग बताते हैं कि ममरी, अजान, महेशपुर, रोशननगर में खुली दुकानों पर भीड़ बनी रही। एसओ सुनीत कुमार, अजान चौकी प्रभारी शशिशेखर यादव ने बताया कि वाहन चेकिंग शाम को रोज की जाती है।
कोरोना से निपटने के लिए लॉकडाउन का पालन कराने के निर्देश
लखीमपुर खीरी डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी पूनम ने बुधवार को राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग की, जिसमें डीएम ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में गठित निगरानी समितियों को फील्ड में और अधिक एक्टिवेट करने के लिए रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटीन प्रवासी श्रमिकों और इनकी निगरानी कर रही निगरानी समितियों के नंबरों को राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को भेजा गया है। इन नंबरों पर समन्वय स्थापित कर समितियों को एक्टिवेट करें। उन्होंने कहा कि समितियों को एक्टिवेट करने में बीट कांस्टेबल की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि निगरानी समिति फील्ड में उतरकर अपने कार्य दायित्वों को निष्पादन करें।
कलक्ट्रेट सभागार में प्रवासी श्रमिकों को लेकर ज्यादा चर्चा हुई, जिसमें सभी अधिकारियों को काफी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। आशा वर्कर होम क्वारंटीन प्रवासी श्रमिकों के घर के बाहर उचित स्थान पर एक क्वारंटीन फ्लायर लगाया जाएगा। प्रत्येक क्वारंटीन घरों में प्रत्येक दिन अनिवार्य रूप से आशा भ्रमण करके परिवारी जनों में खांसी, बुखार एवं श्वांस लेने में कठिनाई के लक्षणों के प्रकट होने की जानकारी लेगी। यदि प्रवासी व्यक्ति या उसके परिवार के सदस्य को बुखार, खांसी के लक्षण प्रकट होते हैं, तो आशा इसकी सूचना निकटतम चिकित्साधिकारी को देते हुए आवश्यक कार्रवाई कराएंगी। 21 दिनों की अवधि पूरी हो जाने पर आशा वर्कर सूचना देखकर घर पर लगे फ्लायर को भी हटाएगी। एसपी पूनम ने सभी सीओ और एसओ को निर्देश दिए हैं कि वह प्रधानों से वार्ता कर निगरानी समितियों को एक्टिवेट करने की कार्रवाई अमल में लाएं। प्रत्येक सीओ अपने क्षेत्र के सभी थानों को नियमित सैनिटाइजिंग की रिपोर्ट लेंगे। पुलिसकर्मियों के थर्मल स्क्रीनिंग हुई है या नहीं यह सुनिश्चित करेंगे। पुलिसकर्मी अब मास्क और सैनिटाइजर को अपनी वर्दी का ही अभिन्न अंग समझे।