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20 मजदूरों का जत्था लालकुंआ से गोला पहुंचा, एसडीएम ने क्वारंटीन सेंटर पर ठहराया

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गोलागोकर्णनाथ। शुक्रवार रात नौ बजे करीब 20 मजदूरों का जत्था सदर चौराहे पर थका हारा विश्राम करता दिखा, जिन्हें एक-एक कदम चलना मुश्किल हो रहा था। जत्थे में टुनटुन, रमेश आदि ने बताया कि वह चार दिन पूर्व लालकुआं से पैदल ही चले थे। 300 किमी यात्रा कर चुके हैं। जत्थे में कुछ लोगों को करीब 500 किमी देर बलिया और मऊ की यात्रा अभी और करनी है।
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सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम अखिलेश यादव ने जत्थे को गुरुनानक कन्या डिग्री कॉलेज क्वारंटीन सेंटर पहुंचाकर ठहराकर, भोजन का प्रबंध किया। एसडीएम ने बताया कि इन सभी को घर पहुंचाने का प्रबंध किया गया है।
उत्तराखंड से पैदल चलकर बांकेगंज पहुंचे 12 प्रवासी श्रमिक
बांकेगंज उत्तराखंड के नैनीताल जिले से बलिया और गाजीपुर पैदल जा रहे 12 प्रवासी श्रमिक शनिवार दोपहर बांकेगंज कस्बा पहुंचे। जहां एक बाग में कुछ देर रुके इन श्रमिकों को देख कारोना आर्थिक सहायता एवं जागरूकता समूह के युवाओं ने भूखे-प्यासे मजदूरों को भोजन कराने के बाद इसकी सूचना एसडीएम गोला अखिलेश यादव को दी। उन्होंने समूह के युवाओं नवेद खा, नीतेश कुमार आदि से श्रमिकों को गोला के गुरुनानक स्कूल में भेजने को कहा। एसडीएम ने बताया कि इन श्रमिकों को वाहनों से उनके गृह जनपद भेजा जाएगा।
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बांकेगंज में पहुंचे 134 प्रवासी श्रमिक, किया होम क्वारंटीन
हरियाणा, चेन्नई, पंजाब सहित अन्य स्थानों से बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र की 50 पंचायतों में 134 प्रवासी श्रमिक शनिवार शाम अलग-अलग गांवों में अपने घर पहुंचे। इससे पहले इन श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई इनमें से कुछ लोगों के बुखार होने पर उन्हें क्वारंटीन सेंटर पर ही रोका गया। जो स्वस्थ मिले उन्हें घर जाने की इजाजत दे दी गई।
बीडीओ एके सिंह ने बताया कि बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में आए प्रवासी श्रमिकों की सूची गोला तहसील प्रशासन से मिली है। गांवों में पहुंचे इन श्रमिकों की शनिवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत निकटवर्ती अस्पतालों में जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। इन्हें राशन किट के साथ 21 दिनों तक होम क्वारंटीन किया गया है। इन श्रमिकों की निगरानी के लिए शासन की ओर से प्रधान की अध्यक्षता में गठित समिति में शामिल मेंबर बारी-बारी से इनके स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे।
एसडीएम गोला अखिलेश यादव ने बताया कि आशा वर्कर होम क्वारंटीन किए गए लोगों के घरों पर एक पोस्टर चिपकाएंगी, जहां पर उनके सामाजिक लोगों से मिलने-जुलने एवं बाहर निकलने का विवरण नोट किया जाएगा। यदि इस बीच किसी की तबियत खराब होती है तो आशा वर्कर अस्पताल को रिपोर्ट करेंगी।
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