लखीमपुर खीरी। कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 21 दिन का लॉकडाउन किया था, जिसकी अवधि मंगलवार को समाप्त हो रही है। विश्व भर के लिए महामारी बन चुके कोरोना संक्रमण का खतरा अभी तक टला नहीं है। ऐसे में मोदी और योगी सरकार इसे दो सप्ताह तक और बढ़ाने पर विचार कर रही है। लॉकडाउन से लोगों को दिक्कत हो रही है। गरीबों की रोजी रोटी के साथ काम तक धंधा प्रभावित हो रहा है। आर्थिक विकास का पहिया रुक गया है। मगर, जान है तो जहान है। ऐसे में शासन के आगे लॉकडाउन बढ़ाना मजबूरी है। शहर के बुद्धजीवियों का कहना है कि बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ना चाहिए, हम सरकार के साथ हैं। मगर शासन कोई व्यवस्था करे, जिससे जरूरतमंदों को रोटी, बीमारों को दवा आदि मिलती रही।
कोरोना का संक्रमण रोकने में 21 दिन के लॉकडाउन से आंशिक मदद मिली है, लेकिन खतरा अभी पूरी तरह से नहीं टला है। दो सप्ताह तक इसका बढ़ाना बेहद कारगर साबित होगा। लोगों को भी चाहिए वह लॉकडाउन का ईमानदारी से पालन करें।
- डॉ. सुभाष चंद्रा, चीफ प्रॉक्टर वाईडी कॉलेज
कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन बढ़ना चाहिए, लेकिन केंद्र और प्रदेश सरकार को चाहिए कि वह अधिवक्ताओं को भी सहायता राशि जारी करे। वकीलों को सैलरी तो मिलती नहीं। कोर्ट बंद होने से दिक्कत हो रही है।
- कीर्ति शुक्ला, मंत्री, जिला अधिवक्ता संघ
जिस तरह से संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में लॉकडाउन का बढ़ना जरूरी है। सरकार कोई ऐसा रास्ता निकाले, जिससे दवाओं की आपूर्ति होती रही। दवाओं का स्टॉक खत्म हो रहा है। ऐसे में मरीजों की दिक्कत बढ़ेगी।
- शरद मेहरोत्रा, महामंत्री, केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन
प्रधानमंत्री का लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय स्वागत योग्य है। सरकार कुछ ऐसी व्यवस्था करे, जिससे लॉकडाउन में गरीबों को दो वक्त की रोटी के लिए परेशान न होना पड़े। तमाम गरीब ऐसे हैं जिन्हें रोटी मिलना मुश्किल हो रहा है।
- डॉ. सुरचना त्रिवेदी, प्राचार्य, आर्य कन्या डिग्री कॉलेज
जनहित को लेकर सरकार ने जो कदम उठाए हैं वह स्वागत योग्य है, क्योंकि जान है तो जहान है। ऐसे में अधिवक्ताओं की आजीविका प्रभावित हुई है। शासन को वकीलों के लिए राहत पैकेज देना चाहिए।
- घनश्याम अग्निहोत्री, अध्यक्ष, जिला बार संघ
जिस तरह से संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है। इससे लॉकडाउन तो बढ़ना चाहिए। गरीबों के साथ मध्यमवर्गीय लोगों पर ली शासन को ध्यान देना चाहिए।
रेनू श्रीवास्तव, निवासी काशीनगर