लखीमुपर खीरी। कोरोना का नाम सुनते ही लोग दहशत में आ जा रहे हैं। संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों तक से नहीं निकल रहे। भय के कारण लोग जिन घरों में विदेश एवं दूसरे जिलों से कोई आया है उसकी जांच कराने के लिए जिला प्रशासन को सूचना दे रहे हैं। डर के कारण बाहर से आने वालों से मिलने की बात छोड़िए, बात करने से भी कतरा रहे हैं। वहीं समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो न सिर्फ खतरा उठा रहे हैं, बल्कि कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर संभावित संक्रमितों की देखभाल तक कर रहे हैं। कोरोना वार्ड में ड्यूटी करने वाले स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय का कहना है कि हमारा काम मरीजों की सेवा करके उन्हें सेहतमंद करना है। बीमारी कोई भी हो, संक्रमण का खतरा सभी में रहता है। बस जरूरत है एहतियात बरतने की।
मरीजों की सेवा से मिलता है सुकून
शहर की कनौजिया कॉलोनी निवासी स्टाफ नर्स दिनेश वर्मा कोरोना वार्ड में ड्यूटी कर रहे हैं। घर पर पिता रामसागर वर्मा, मां गीता देवी और बहन अर्चना है। दिनेेश बताते हैं कि जब से वार्ड में ड्यूटी लगी है उस दिन से बीमार पिताजी के पास जाना छोड़ दिया। अलग कमरे में ही रहना और खाना होता है। भय तो लगता है, लेकिन फर्ज याद आने पर वह भी दूर हो जाता है। मन में एक ही इच्छा रहती है कि वार्ड में आने वाला मरीज जल्द से जल्द स्वस्थ हो।
घर पर बेटी से दूर पड़ रहा रहना
वार्ड ब्वाय शिवपूजन रोजाना 30 किलोमीटर दूर गांव जिगनिहां से आते हैं। घर में पिता लेखराम वर्मा, पत्नी शिल्पी एवं साढ़े तीन साल की पुत्री है। शिवपूजन बताते हैं कि वार्ड में ड्यूटी करने से दिनचर्या ही बदल गई। पहले घर पहुंचने पर बेटी गाड़ी की आवाज सुनकर दौड़कर दरवाजे पर आती थी जब तक गाड़ी से एक चक्कर न लगवा देते तब तक घर में घुसने नहीं देती, लेकिन अब घर जाने पर उसे गोद में नहीं लेने से भी बचते हैं। रोती है, मगर कर भी क्या सकते। नहाने और हाथों को सैनिटाइज करने के बाद ही गोद में लेते हैं।