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लॉकडाउन में पलायन करने वालों की निगरानी करेंगी आशा वर्कर

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लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन में जो लोग पलायन कर रहे हैं, उनकी ट्रैकिंग आशा वर्कर करेंगी। इसके लिए अप्रैल व मई माह के लिए उन्हें एक-एक हजार रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी। इनके कार्य का सत्यापन आशा संगनियों को करना होगा, जिसके लिए इन्हें भी 500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
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कोरोना संक्रमण को लेकर शासन विशेष सावधानी बरत रहा है। लॉकडाउन के 12 दिनों में जो लोग पलायन करके आए हैं, उन्हें गांव के बाहर स्कूलों में क्वारंटीन किया जा रहा है। इनकी निगरानी के लिए सेहत महकमा अब आशा वर्करों की मदद लेगा। इसके लिए आशाएं गांव गांव भ्रमण करेंगी और लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जागरूक भी करेंगी। भ्रमण में आशाएं एक मार्च के बाद लौटने वालों की सूची तैयार करेंगी, जिसे महकमे की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इस दौरान संभावित रोगियों को आशा वर्कर सीएचसी रेफर करेंगी। इसके लिए आशाओं को एक-एक हजार रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
होम क्वारंटीन की करेंगी निगरानी
आशा वर्कर एक मार्च के बाद यात्रा करने वालों पर नजर रखकर बुजुर्ग एवं शुगर, ब्लड प्रेशर, हृदय और सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों के घरों को प्राथमिकता देंगी। आशाओं को रोजाना 25 से 30 घर भ्रमण करने होंगे। गांव की आशाओं को आठ कार्य दिवसों में अपने क्षेत्र के घरों का भ्रमण पूरा करना होगा तो शहर की आशाओं को 16 कार्य दिवसों में। जहां पर आशा वर्कर नहीं हैं वहां पर स्वास्थ्य कर्मी एवं वालंटियर लगाए जाएंगे। आशा वर्करों को कोरोना पॉजिटिव मिलने वाले लोगों की भी जानकारी रखनी होगी। इनके कार्य का सत्यापन आशा संगिनी और एएनएम करेंगी ।
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आशा वर्करों का कार्य
- घर में बुखार, खांसी एवं सांस लेने में तकलीफ होने की जानकारी लेंगी, कोरोना के लक्षण मिलने पर पीड़ित को 14 दिन तक घर में रहने की प्रेरणा देंगी, पलायन कर लौटने वालों में ये लक्षण होने पर 14 दिन तक अलग कमरे में रहकर अलग बिस्तर और बर्तन का उपयोग करने की प्रेरणा देंगी, घर वालों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए संभावित संक्रमित से दो मीटर यानी पांच हाथ की दूरी बनाए रखने के लिए जागरूक करेंगी।
इसका रखें ख्याल
- सामाजिक दूरी अवश्य बनाए रखें। भीड़ न लगने दें और लोगों इसके लिए प्रेरित भी करें, हाथों को थोड़ी-थोड़ी देर बाद साबुन से धोते रहें, दरवाजे की कुंडी एवं ऐसी जगह को न छुएं, जिसे बार-बार छुए जाने की संभावना हो।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आशा वर्करों को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करना होगा। कोरोना संदिग्ध मिलने पर होम क्वारंटीन का मशविरा देकर घर वालों को दूरी बनाने के लिए प्रेरित करें।
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- डॉ. अश्वनी कुमार, एसीएमओ एवं नोडल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
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