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क्वारंटीन शिविर: समस्याओं से जूझ रहे बाहरी लोग

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लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन में बाहरी जनपदों से आने वालों को विभिन्न केंद्रों पर क्वारंटीन किया जा रहा है। यहां जांच के बाद 14 दिन तक रोकने के बाद उन्हें घर पर भेजने की व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर ग्राम स्तर पर बनाए गए क्वारंटीन सेंटरों पर कई अव्यवस्थाएं सामने आ रहीं हैं। यहां क्वारंटीन किए गए लोगों का आरोप है कि इन सेंटरों पर भोजन आदि की व्यवस्था ठीक नहीं है।
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खाने पीने की व्यवस्था न होने से पुन: घर चले गए लोग
गोला गोकर्णनाथ। पुनर्भूग्रंट में लॉक डाउन के दौरान बाहर से आए करीब 50 से अधिक लोगों को चिह्नित किया गया था। बुधवार को स्कूल में महज 15 लोग ही दिखे। बाहर से आए सुरेश, अनीश, ज्ञानी, राजू ,मुशीर, आफताब, अरमान, लारेब, साबिर, असलम, विजय, नीरज, अंकुश, अश्वनी, अशोक, धीरज आदि ने बताया कि यहां खाने-पीने प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है और न ही कोई यहां झांकने आया। इसलिए काफी लोग अपने घर चले गए।
ममरी। ब्लॉक कुंभी क्षेत्र के प्रधानों का कहना है कि क्वारंटीन सेंटरों पर मौजूद बाहर से आए लोगों को रसोइयों से खाना बनवाकर खिलाने का निर्देश उन्हें नहीं मिला है बल्कि सभी लोग अपने घरों से खाना मंगाकर खा रहे हैं। रोशन नगर में 22 लोग सचिवालय, पांच लोग स्कूल में रखे गए हैं।
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कुंभी ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेहड़ा मुल्तान के प्रधान प्रमोद कुमार वर्मा का कहना है कि स्कूलों में क्वारंटीन किए गए लोगों के खानपान और सैनिटाइज के लिए शासन से कोई रकम नहीं मिली है और न ही ग्राम निधि से खर्च करने का ही कोई आदेश मिला है। उधर, एसडीएम अखिलेश यादव ने बताया कि पंचायत भवन और स्कूलों में बाहर से आए ठहरे लोगों की सारी व्यवस्था की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की ही है।
महेवागंज : खाने के लिए घर जा रहे शिविर में रुके लोग
महेवागंज। क्षेत्र के 22 सेंटरों पर 180, शारदानगर के 11 सेंटर पर 210 एवं फूलबेहड़ के 76 सेंटर पर 215 कामगार रोके गए हैं। इनमें से अधिकतर लोगों की अब तक जांच नहीं हुई है। आरोप है कि खाने आदि की व्यवस्था न होने के कारण कामगार बार बार अपने घर चले जा रहे हैं। हालांकि प्रधान का कहना है कि कुछ लोग घर से ही खाना मंगाकर खाते है। पुलिस का कहना है कि चौबीस घंटे इनकी निगरानी नहीं कर सकते। इन्हें खुद भी परिवार की सुरक्षा के लिए जागरूक रहना होगा।
ईसानगर: भूखे रहने को मजबूर हैं क्वारंटीन शिविर में रुके कामगार
ईसानगर। क्वारंटीन शिविर में रुके कन्हैयादीन, जितेंद्र कुमार, सुनील, सुरेश, पाटन और संतोष आदि बस्ती, गाजियाबाद, सिद्धार्थनगर से पलायन कर लौटे हैँ। इनका कहना हे कि पुलिस मंगलवार शाम तीन बजे स्कूल लेकर आई थी, लेकिन बुधवार दोपहर तक खाना नहीं मिला। खाने के लिए प्रधान से कहा तो वह ध्यान नहीं दे रहे। डीएम साहब के कंट्रोल रूम पर सूचना दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हालांकि बीडीओ का कहना है कि अवस्थी पुरवा के विद्यालय को शिविर नहीं बनाया गया था, वहां पर लोगों के होने की जानकारी मिली थी खाना बनवाया जा रहा है।
बरवर: कामगारों का आरोप, घटिया दिया जा रहा खाना
बरवर। पलायन कर लौटे कस्बे के लोगों के लिए मैरिज हॉल में शिविर बना है। जहां पर रुके मुकेश, इलियास, पंकज, संजय आदि ने बताया कि मैरिज हाल में 50 लोगों को क्वारंटीन के लिए रखा गया है। आरोप है कि शौच के लिए 200 मीटर दूर बस स्टेशन के शौचालय में जाना पड़ता है। नगर पंचायत जो लंच पैकेट दे रहा है वह भी घटिया हैं। ऐसे में इन लोगों ने खाना भी नहीं खाया और उसका बहिष्कार किया। शासन की ओर से मिड डे मील बनाने वाले रसोइयों से भोजन बनवाकर खिलाने का निर्देश है, जिसे अब तक लागू नहीं किया गया है।
मैलानी : क्वारंटीन किए गए लोगों की हो रही है प्राथमिक जांच
मैलानी। एएनएम शाहीन अंसारी, सीमा हसन और फार्मासिस्ट तुषार वर्मा ने श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज, कुरियानी, नारंग, फुलहिया, सुखचैनापुर, मक्कागंज आदि में बने कैंप पहुंचकर क्वारंटीन किए गए लोगों की प्राथमिक जांच की। लेखपाल देवेंद्र सिंह ने कैंप का निरीक्षण किया।
इधर, श्री लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज में क्वारंटीन किए लोगों को नगर पंचायत और आरपीएफ की ओर से फूड पैकेट बांटे। चेयरपर्सन प्रतिनिधि देवेंद्र प्रताप और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राकेश सिंह, एसआई रंजीत कुमार मौजूद रहे। चेयरपर्सन प्रतिनिधि देवेंद्र प्रताप ने बताया कि नगर क्षेत्र के 21 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
अमीरनगर। बस्तौली विद्यालय में बाहर से आने वाले 22 लोगों को रखा गया है, जिनके लिए ग्राम प्रधानपति उमेश शुक्ला ने भोजन और नहाने की व्यवस्था की है । प्रधानपति ने बताया कुछ लोगों के घरों से भी खाना आता है।
जंगल के रास्तों से आ रहे 22 भारतीयों को पकड़ा
धनगढ़ी (नेपाल)। भारत और नेपाल में चल रहे लॉकडाउन में बुधवार की सुबह गौरीफंटा पुलिस ने दुधवा जंगल मार्ग से पैदल जा रहे 22 लोगों को पकड़ा। इन लोगों ने बताया कि वह लोग धनगढ़ी से नदी पार करके आए हैं और अपने घर बहराइच जा रहे हैं। पुलिस और एसएसबी ने इन लोगों को नेपाल सशस्त्र पुलिस बल के सुपुर्द कर दिया। जिन्हें धनगढ़ी के त्रिनगर स्कूल में बने क्वारंटीन कक्ष में रखा गया है।
इधर डीएम यज्ञराज बोहरा ने बताया कि लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले को छह माह की सजा का आदेश दिया गया है।
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कुछ क्वारंटीन सेंटरों पर अनियमितता होने की सूचना मिली थी, जिस पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देकर क्वारंटीन सेंटरों से भागने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सेंटरों पर अनुमन्य सुविधाओं में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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