पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाए जाने को लेकर मुस्लिम इलाके के लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अमर उजाला की टीम आज मुस्लिम इलाकों में पहुंची और लोगों से जनता कर्फ्यू पर बातचीत की तो उसमें सामने आया कि किसी को भी राजनीतिक व अन्य मुद्दों से लेना देना नहीं है। मतलब है कि सिर्फ कोरोना से बचाव। इसको लेकर हर आदेश व दिशा निर्देश को अमल में लाने के लिए टीम ने कई लोगों से बात की। जिसमें प्रस्तुत हैं कुछ प्रतिक्रयाएं-:
मोहम्मद फहीम ने कहा कि कोरोना को लेकर जनता कर्फ्यू का फैसला सही है। इससे लोग एक-दूसरे से कम से कम मिलेंगे और कोरोना का खतरा कम होगा। सरकार का यह फैसला सही है लेकिन कोरोना को लेकर और अधिक सतर्कता आम लोगों को बरतने की जरूरत है।
मुख्तार हुसैन ने कहा कि कोरोना को लेकर सरकार का फैसला सही है लेकिन आम लोगों को इसको लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए। ज्यादा से ज्यादा लोगों से कम मिलें और जनता कर्फ्यू का सम्मान करते हुए कम से कम घरों से निकलें ताकि कोरोना का असर ज्यादा से ज्यादा भारत में न फैल सके।
मोहम्मद अकील ने कहा कि कोरोना को लेकर पूरा देश जद्दोजहद कर रहा है इसका सबसे बड़ा कारण है स्वच्छता। स्वच्छता बरतें और जनता कर्फ्यू के दिन घर से न निकलें। जिससे यह अंदाजा हो जाए कि कोरोना को लेकर भारतवासी हमेशा से सजग हैं।
नूरी जामा मस्जिद के कारी सैय्यद एजाज अहमद हबीबी शाही ने बताया कि संयम व संकल्प से ही गंभीर समस्या से निजात मिलेगी। इसके चलते जनता कर्फ्यू के दिन कम से कम लोगों से मिलें और कोरोना जैसे घातक वायरस का खात्मा करने में सहयोग करें।