लखीमपुर खीरी। ब्रिटेन में कोरोना के नए स्वरूप की वजह से हालात बेहद खराब होते दिख रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग सजग नहीं हो रहे हैं। जहां पर कोरोना फैलने का अधिक खतरा है, वहीं पर लापरवाही देखने को मिल रही है। किसानों के आंदोलन में कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगे प्रशासन और पुलिस अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
ब्रिटेन में कोरोना के नए स्वरूप में आने की वजह से हालात एक बार फिर खराब होते दिख रहे हैं। क्रिसमस के पहले ब्रिटेन से मेरठ लौटे एक परिवार के तीन लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। हालांकि ब्रिटेन से लखीमपुर खीरी में किसी के आने का कोई मामला सामने नहीं आया है, फिर भी कोरोना के नए स्वरूप को लेकर प्रदेश सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर रखा है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पहले की अपेक्षा अब और अधिक लोग लापरवाह हो गए हैं और कोई सतर्कता और सावधानी नहीं बरत रहे हैं। बाजार, अस्पताल, रोडवेज, निजी बस स्टाप आदि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कोविड-19 के नियमों का पालन करना लोग भूल गए हैं। दुकानों पर न तो उचित दूरी रखी जा रही है और न ही सैनिटाइजर आदि की कोई व्यवस्था है। थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइजर, मास्क की व्यवस्था लगभग समाप्त हो गई है। इक्का-दुक्का लोग ही मास्क लगाकर सड़कों पर दिखते हैं।
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मास्क और उचित दूरी बहुत जरूरी
कोराना संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। इसके बाद भी लापरवाही की जा रही है। यह ठीक नहीं है। प्रशासन इसका कड़ाई से पालन कराए।
-रमाशंकर पांडेय
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लापरवाही पड़ेगी भारी
लोग न तो उचित दूरी रख रहे हैं न ही मास्क लगा रहे हैं। यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। प्रशासन नियमों को कड़ाई से पालन कराए।
-सैय्यद अकरम, दवा व्यवसाई
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सावधानी ही बचाव
कोरोना संक्रमण से खुद और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए सावधानी बहुत जरूरी है। मास्क और उचित दूरी रखने से ही कोरोना से बचा जा सकता है।
-जावेद अहमद
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सावधानी ही दवा
कोराना संक्रमण भले ही कम हो गया है। फिर भी हम लोगों को काफी सचेत रहना होगा। मास्क लगाना और उचित दूरी बनाए रखना काफी जरूरी है। सावधानी ही कोरोना से बचने की दवा है।
-यशोदानंदन मिश्रा
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ब्रिटेन में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस का जो नया स्वरूप मिला है। वह बेहद खतरनाक बताया जाता है। सतर्कता बरतकर हर वायरस को हराया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि कोविड-19 के नियमों का पालन करें और बिना मास्क घर से बाहर बिल्कुल न निकलें।
-डॉ. आरसी अग्रवाल सीएमएस, जिला अस्पताल