लखीमपुर खीरी। जनपद में कोरोना के मामलों में कमी जरूर आई है, लेकिन जरा सी लापरवाही खतरा बढ़ा सकती है। ऐसे में सरकारी प्रयासों के साथ ही जनता को जागरूक किए बिना कोरोना पर काबू करने की बात बेमानी साबित होगी। चाहे अस्पताल हों या बाजार हर कहीं बिना मास्क के जुटी भीड़ कोरोना के खतरे को दावत दे रही है।
बदलते मौसम के साथ अब सर्दी भी बढ़ने लगी है, ऐसे में बढ़ती ठंड के साथ साथ कोरोना का खतरा भी बढ़ने लगा है। लेकिन, शहर में कोरोना पर लगाम लगाने के लिए किये जा रहे प्रयासों का मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। कोरोना पर लगाम को लेकर जहां सरकारी प्रयासों में तेजी आई है, वहीं जनता की लापरवाही से संक्रमण के बढ़ने के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
कोरोना पर लगाम की जब शहर में सच्चाई जानने की कोशिश की गई तो लोग खुलेआम कोविड प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते दिखे। भीड़भाड़ वाले इलाके सदर बाजार में ज्यादातर लोग बिना मास्क के दुकानों में खरीदारी करते दिखाई दिए। यही हाल कमोबेश महिला सरकारी अस्पताल का भी मिला, जहां डॉक्टर के पास जाने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती कतार में खड़ी महिलाओं के बीच सामाजिक दूरी तार-तार दिखी, हालांकि उनमें ज्यादातर के चेहरे पर मास्क जरूर दिखाई दिए तो मरीजों को देखते डॉक्टर का मास्क ठुड्डी पर लटकता मिला।
इसके विपरीत कई कार्यक्रमों में कुछ जागरूक लोग मास्क पहने और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए दिखे। राजापुर का संकट मोचन हनुमान मंदिर इसका उदाहरण रहा, जहां लॉकडाउन के बाद से आज भी दर्शन करने जाने वाले लोग दूर से ही दर्शन करते हैं और खुद से ही प्रसाद का भोग लगाकर लौट आते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की जरूरत
ग्रामीण क्षेत्रों में कम जागरूकता एवं इलाज के सीमित संसाधनों के कारण संक्रमण फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाए जाने की बेहद जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पर लगाम लगाने की को शिशों के सवाल पर एसीएमओ डॉ रवि प्रकाश दीक्षित ने बताया कि हर ब्लॉक में दो रैपिड रेस्पांस और एक सैंपलिंग टीम काम कर रहीं हैं। इसके अलावा सीएचसी में भी जांच की सुविधा उपलब्ध है।
अब तक ठीक हो चुकें हैं 6963 संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शहर में तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट और तीन मोबाइल कोविड सैंपलिंग बूथ दिन रात काम कर रहे हैं। औसतन दो से ढाई हजार लोगो के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिसमें संक्रमित दर 0.33 प्रतिशत तक हो गई है । वहीं, हर दिन लिए जा रहे एक हजार लोगों के रैंडम सैंपल में पॉजिटिविटी रेट 0.2 प्रतिशत यानि एक हजार लोगों की रैंडम जांच में दो लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं।
खीरी में अब तक कुल 7114 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं, जिसमें 6,963 मरीज ठीक होकर सामान्य जिंदगी में लौट आए हैं । जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 122 है, जिसमें 70 मरीज होम आइसोलेशन में और 37 मरीज दूसरे अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 15 मरीज अन्य जिलों में रह रहे हैं।। एसीएमओ डॉ रवि प्रकाश दीक्षित के मुताबिक खीरी जिले में कोविड रिकवरी रेट 97 प्रतिशत है।
16 नए कोरोना संक्रमित मिले
लखीमपुर खीरी। गुरुवार को आई रिपोर्ट में 16 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक लैब से कुल 1537 रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं, जिसमें 10 पॉजिटिव एवं 1527 नेगेटिव हैं। वहीं चार अन्य लैब एवं दो एंटीजन से पॉजिटिव रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं।
तहसील लखीमपुर के सीएचसी फूलबेहड़ में एक, इमली चौराहा में पांच, एसएसबी गढ़ी रोड में एक, काशीनगर में दो, तहसील मितौली के दानपुर कस्ता में एक, तहसील गोला गोकर्णनाथ के संसारपुर में एक, कुम्हारन टोला में एक, धौरहरा बुजुर्ग में एक, तहसील निघासन के सिंगाही में एक, तहसील मोहम्मदी के खखरा में एक संक्रमित मिला है। वहीं एक संक्रमित मरीज को अभी ट्रेस किया जा रहा है।