दुधवा मुख्यालय को सैनिटाइज करते कर्मी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। वन्यजीवों और कर्मियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से जारी गाइड लाइन को अमल में लाया जा रहा है। ऐसे में दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक ने दुधवा मुख्यालय समेत पालतू हाथियों के आवास को सैनिटाइज कराया।
दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर ने बताया कि पिछले साल अमेरिका के ब्रांक्स जू में एक बाघिन के संक्रमित मिलने के बाद केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) से जारी एडवाइजरी को फिर से अमल में लाया गया है। इसको लेकर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दुधवा मुख्यालय, रेंज कार्यालयों को अभियान चलाकर सैनिटाइज कराया जा रहा है। इसके अलावा कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए जंगल में काम कर रहे रेंज स्तर के अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टॉफ और वॉचरों को मास्क पहनने के अलावा सामाजिक दूरी का पालन करने के निर्देश दिए है। उन्होंने बताया कि इस पूरे अभियान की कड़ी निगरानी की जा रही है।
दुधवा के सभी वन्यजीव प्रतिपालकों और रेंज अफसरों से वन्यजीवों और कर्मियों को कोविड-19 से बचाव के लिए एनटीसीए से जारी गाइड लाइन का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है।
दुधवा के और कतर्निया घाट के पालतू हाथियों पर किया जा रहा फोकस
दुधवा टाइगर रिजर्व में कुल 25 पालतू हाथी हैं। इसमें दुधवा बेस कैंप में 23 और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) में दो पालतू हाथी हैं। जो महावतों, चारा कटर्स और केयर टेकर्स के सीधे संबंध में रहते हैं। जिनमें इंसानों से कोरोना संक्रमण की ज्यादा आशंका रहती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक ने संबधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार मास्क पहनें, खुद को सैनिटाइज करने के बाद हाथियों के पास जाएं। स्टॉफ बेस कैंप में ही रुकें, कहीं आवागमन न करें। समय-समय पर हाथियों के रहने वाले स्थान को भी सैनिटाइज करवाते रहें।