लखीमपुर खीरी जिले में शराब के नशे में 80 साल की बुजुर्ग मां से दुष्कर्म करने के दोषी बेटे को एडीजे भूलेराम ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एडीजे भूलेराम ने इस जघन्य मामले में दंडादेश पारित करते हुए इसे मातृत्व को कलंकित करने वाला कृत्य बताया है। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधी किसी तरह की नरमी के अधिकारी नहीं हैं। लिहाजा विशेष परिस्थिति को देखते हुए वह अधिकतम दंड का पात्र है।
घटना मोहम्मदी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। आरोपी शराब पीने का आदी है। उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। उसके साथ बुजुर्ग मां और नाबालिग बेटी रहती थी। थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक 28-29 अक्तूबर 2020 की रात शराब के नशे में धुत आरोपी ने अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म की कोशिश की थी। उसकी चीख पुकार सुनकर पीड़िता ने अपनी पोती को बचाते हुए भगा दिया तो आरोपी ने अपनी बुजुर्ग मां को ही हवस का शिकार बना डाला। विरोध पर पीड़िता के साथ मारपीट भी की गई थी। वहीं नाबालिग बेटी पड़ोस में जाकर छिप गई थी।
पीड़िता के बेटे ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
अगले दिन जब आरोपी ऑटो लेकर चला गया तो पीड़िता ने पड़ोस में अपनी बड़ी बहू व अन्य महिलाओं से रात की वारदात बताई। शरीर पर पड़े खरोंच के निशान भी दिखाए थे। जब इसकी खबर दूसरे शहर में मजदूरी कर रहे पीड़िता के पोते को हुई तो उसने 30 अक्तूबर 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में बिचपरी पुवायां रोड से आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। थाने में बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने मजिस्ट्रेट अदालत में भी पीड़िता के कलमबंद बयान दर्ज कराए थे।
इस घटना के बाद सहमे परिवारवाले किशोरी को अपने साथ दिल्ली लिए गए थे। लिहाजा तफ्तीश के दौरान पुलिस टीम को नाबालिग के बयान दर्ज करने के लिए दिल्ली जाना पड़ा था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। इस मामले में एडीजे भूलेराम ने शनिवार को फैसला सुनाते हुए दुष्कर्मी बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में यह व्यवस्था दी है कि वसूली गई जुर्माना की रकम में से 15 हजार रुपये का मुआवजा रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पौत्र को दिया जाएगा।