पालिका कर्मी और महिलाएं बोलीं- अब समझा ईओ ने दर्द
शौचालय न होने से परेशान होते थे कर्मचारी और आगंतुक
लखीमपुर खीरी। ‘नगर पालिका, कलक्ट्रेट परिसर में भी नहीं महिला शौचालय’ शीर्षक से खबर 26 अगस्त के अंक में प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका के ईओ ने लोगों की परेशानी का संज्ञान लिया। नतीजतन उन्होंने पालिका में नौ लाख की लागत से शौचालय निर्माण शुरू करा दिया है।
नगर पालिका परिसर में कहने के लिए तो दो जगह पर शौचालय थे, लेकिन सफाई व देखरेख न होने से वह गंदे व निष्प्रयोज्य थे। इनके उपयोग का मतलब यूटीआई संक्रमण को दावत देने जैसा था। शौचालय न होने से पालिका कर्मी खासकर महिलाएं परेशान थीं। वहीं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर गृहकर, जलकर व अन्य काम के लिए आने वालों को दिक्कत होती थी। विषम परिस्थिति में यह सब यूरिन रोकने के लिए मजबूर होते थे, चिकित्सकीय दृष्टि से खतरनाक होता है।
आखिर नहीं चेत रहे कलक्ट्रेट के जिम्मेदार
कलक्ट्रेट परिसर से लेकर कचहरी तक में महिला शौचालय की समस्या है, लेकिन महिला वकीलों से लेकर कलक्ट्रेट व कचहरी आने वाली महिलाओं की इस समस्या का निराकरण कराने के लिए अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। महिला अधिवक्ताओं का कहना है पिंक शौचालय की परिसर में बेहद आवश्यकता है। इसके अभाव में लोग परेशान होते हैं। जो एकाध संयुक्त शौचालय हैं भी वह इतने गंदे हैं कि उनमें जाने का मन नहीं होता। यहां बता दें कि अब भी राजापुर चौराहे और कलक्ट्रेट में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है।
करीब नौ लाख की लागत से पालिका में शौचालय निर्माण शुरू हो गया है। यह महिला और पुरुष के लिए संयुक्त शौचालय होगा। इसमें दोनों के लिए तीन-तीन सीटें होंगी। इसके अलावा दोनों के लिए अलग-अलग पेशाबघर भी होंगे। इससे कर्मचारियों से लेकर पालिका आने वाले नगरवासियों को असुविधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- संजय कुमार, अधिशाषी अधिकारी