लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने यहां दमन दिवस मनाया। सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लाठीचार्ज की घटना के विरोध में नसीरुद्दीन मौजी भवन प्रांगण में चार घंटे धूप में बैठकर धरना दिया। बाद में कलक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा।
नसीरुद्दीन मौजी भवन प्रांगण में धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि सपा सरकार चाहे जितना उत्पीड़न कर ले कांग्रेस गन्ना मूल्य भुगतान, युवाओं को रोजगार के अवसर, प्रदेश में कानून व्यवस्था, बिजली की बढ़ी हुई दरों का विरोध करती रहेगी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव प्रह्लाद पटेल का बायां हाथ टूट गया है। कांग्रेस इस लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने मांग की कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाए। गेहूं, मसूर, लाही को हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। जिले में बाढ़ और कटान का उचित समाधान किया जाए। पंचायत चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराए जाएं। शहर अध्यक्ष संजय गोस्वामी ने कहा कि कांग्रेस जनसमस्याओं को लेकर हमेशा संघर्ष करती रहेगी। पूर्व मंत्री माया प्रसाद और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष इकबाल अहमद ने कहा कि प्रदेश में न रोजगार के अवसर है और न ही कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज है।
मोनिस नकवी, प्रह्लाद पटेल और रवि गोस्वामी ने कहा कि देश और प्रदेश की सरकारें जनता को लूटने में लगी हुई हैं। जनता का कोई पुरसाहाल नहीं है। सभा को अशोक सक्सेना, कुसुम लता बरनवाल, मोहित श्रीवास्तव, शिवराम सिंह चौहान, पंकज शुक्ला, कृष्ण कांत मिश्रा, डीके दीक्षित पंकज ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बिहारी शुक्ला, डॉ. जगदंबा मिश्रा, रवींद्र त्रिपाठी, पप्पू वर्मा, नीरज वाजपेयी, राजेंद्र गुप्ता, प्रदीप जायसवाल, अंकित जुनेजा, अनिमेश सिंह, हरदीप सिंह, हफीज खां, कोमल सिंह, प्रदीप कुमार, सुशील शुक्ला, चंद्रप्रभा अवस्थी, मनसुखा, अर्जुन लाल गौतम, राम निवास त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नसीरुद्दीन मौजी भवन के प्रांगण से कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को दिया। ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों पर बर्बर लाठीचार्ज की निंदा की साथ ही राज्यपाल से मांग की कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करने वाली प्रदेश सरकार को बर्खास्त किया जाए।