लखीमपुर खीरी। कांग्रेस स्थापना दिवस पर कांग्रेस कार्यालय पर ध्वजारोहण के बाद शहर में संदेश पदयात्रा निकाली गई। मुख्य अतिथि वरिष्ठ चिकित्सक कांग्रेसी नेता डॉ. रवि शंकर त्रिवेदी ने तीनों कृषि कानूनों को काला कानून बताते हुए कहा कि इससे उत्तर प्रदेश के 12 करोड़ किसानों का जीवन बर्बाद हो जाएगा। इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर भी पदयात्रा निकालीं गईं।
उन्होंने कहा कि इस कानून में समर्थन मूल्य की गारंटी खत्म कर दी गई है। बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की सरकार की मंशा है। मंडिया खत्म करके कृषि संबंधित व्यवसाय छीन कर गांव के विकास को बाधित करने की तैयारी है ।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का गौरवशाली इतिहास यह बताता है कि देश के लिए कांग्रेस ने कितनी कुर्बानियां दी हैं। कांग्रेस संदेश किसान पदयात्रा शहर के प्रमुख वार्डों में पहुंची। पदयात्रा के दौरान डॉ. आंबेडकर एवं शहीद राजनारायण जी की मूर्ति का माल्यार्पण कर नमन किया गया। शहर के वरिष्ठ कांग्रेस जनों रमाकांत गुप्ता, गणेश सहगल, रवि प्रताप सिंह, इरफान किदवई, सैयद जाफरी, राजीव मिश्रा और धीर प्रशांत त्रिवेदी का उनके घर जाकर माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। किसान कांग्रेस लखनऊ मंडल के पूर्व सह प्रभारी देवेंद्र कुमार, पंकज के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक लखीमपुर के बेहजम रोड पर छाउछ गुल्हापुर आदि गांव में पैदल मार्च कर तिरंगे को सलामी दी।
पलियाकलां। कांग्रेस कार्यालय पर पार्टी के स्थापना दिवस पर प्रदेश महासचिव बनने के बाद पहली बार पहुंचे सैफ अली नकवी का जोरदार स्वागत किया गया। पार्टी के बारे में विस्तार से जानकारी दीं।
नगर अध्यक्ष आबिद हसन व ब्लॉक अध्यक्ष सचिन शाह ने पार्टी के बारे में विस्तार से जानकारी दीं। कार्यक्रम को मुख्य अतिथि सैफ अली ने भी संबोधित किया। इस दौरान काफी संख्या में कांग्रेसी मौजूद रहे।
किसानों ने सांसद रेखा वर्मा को सुनाईं समस्याएं
चपरतला। चपरतला में किसानों ने सांसद रेखा वर्मा को रोककर अपनी समस्याएं सुनाईं। किसानों ने बताया कि उन्हें फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि उनके खाते से पैसा काट लिया जा रहा है।
किसानों ने कृषि कानूनों को वापस लेने और एमएसपी को बरकरार रखने की बात प्रमुखता से उठाई। सांसद के मुताबिक कृषि कानून किसान विरोधी नहीं हैं, कुछ राजनीतिक पार्टियां किसानों को गुमराह कर रहीं है। सांसद ने दावा किया कि भविष्य में यह कानून किसानों के लिए सुखद साबित होगा।
इसके अलावा किसानों ने आवारा पशुओं से निजात दिलाने के लिए भी गुहार लगाई। कई किसानों ने सुझाव दिया कि जो राशि गो आश्रय केंद्र को प्रति जानवर के हिसाब से दी जा रही है। अगर यह रुपया सीधे किसानों को दिया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा और कोई भी जानवर इधर-उधर भटकता नहीं मिलेगा। संवाद