पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि छुट्टा जानवरों से किसान बेहाल है। किसानों की फसलें आवारा जानवर नष्ट कर रहे हैं। एक रात में ही किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। सरकार किसानों के लिए बड़ी बड़ी बातें करती है, लेकिन उनकी समस्याओं की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं। जितिन प्रसाद ने यह बात धौरहरा विधानसभा क्षेत्र में अपने भ्रमण के दौरान धौरहरा क्षेत्र के रमियाबेहड़ में शुक्रवार को किसानों की सभा को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और लखनऊ में बैठे भाजपा नेता सिर्फ पूंजीपतियों के लिए काम करते हैं। किसान, नौजवान सभी अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। चुनाव में इन्हीं भाजपा सरकारों ने लोगों के सामने बड़े-बड़े वादे किए थे। नौजवानों को रोजगार देने की बात कही थी। किसानों की समस्याओं को तत्काल हल करने की बात कही थी, लेकिन सरकार बनने के बाद सभी नेता लखनऊ और दिल्ली में बैठे सत्ता का सुख भोग रहे हैं। यहां किसान आत्महत्या को मजबूर हो रहे हैं।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने ग्राम शारदानगर, टहारा, दुलही, लखहा, लखाही, ढखेरवा चौराहा, जम्हौरा, रमियाबेहड़, खेतवाही, नैनापुर, परौरी, हौकना मटेरा में सभाओं को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ डॉ. कलामुद्दीन, मंगूलाल मौर्य, सहाबुद्दीन आजाद, पप्पू वर्मा, कमलेश मिश्रा, राजेश अवस्थी, रामजी सेठ, जमाल अहमद, शिवमोहन अवस्थी, श्रीकांत गौतम आदि मौजूद रहे।