लखीमपुर खीरी। स्वयं सहायता समूह की महिला से नौकरी के नाम पर अवैध वसूली के मामले में आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी। जबकि शिकायत एक साल पहले की गई थी। 10 माह बाद जांच कराई गई। जांच के बाद आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
निघासन ब्लॉक के जगनपुरवा निवासी अमन देवी पत्नी जयपाल सिंह ने मिशन निदेशक से जिला मिशन प्रबंधक के खिलाफ करीब एक वर्ष पहले शिकायत की थी। बताया था कि आईपीआरपी पद पर नौकरी दिलाने के लिए उससे 50 हजार रुपये वसूल लिए। 10 जनवरी को 10 हजार रुपये घर जाकर दिए। 13 जनवरी को 2500 रुपये, 17 जनवरी को 2500 रुपये ऑनलाइन भेजे।
19 फरवरी को 10 हजार नकद और 22 फरवरी 7800 रुपये ऑनलाइन भेजे। उसी दिन 20 हजार रुपये विकास भवन में दिए। रुपये देने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तो पीड़िता ने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी ने देने से इन्कार कर दिया।
शिकायत के बाद मिशन निदेशक ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा, जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पीड़िता के काफी प्रयास के बाद 10 महीने बाद मामले की जांच डीडीओ दिनकर विद्यार्थी को सौंपी गई। डीडीओ ने जांच कर रिपोर्ट शासन को भेज दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। इधर, जिला मिशन प्रबंधक ने सभी आरोपों को गलत बताया है।
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समझौते का बनाया जा रहा दबाव
पीड़िता अमन देवी ने बताया कि समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। उसके घर कई लोग समझौते के लिए आ चुके हैं। पिछली बार समूह की चार महिलाएं आई थीं। पीड़िता ने कहा कि वह समझौता नहीं करेंगी।
एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक पर एक महिला ने नौकरी के नाम पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया था। मिशन निदेशक ने मुझे जांच सौंपी थी। काफी पहले ही जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। कार्रवाई वहीं से होनी है।
दिनकर विद्यार्थी, जिला विकास अधिकारी