लखीमपुर खीरी। वर्ष 2020 में बाढ़-कटान से जनपद में 28 करोड़ 48 लाख 57 हजार से अधिक मूल्य की वस्तुओं, फसलों, मकानों आदि का नुकसान हो चुका है, जिसमें सबसे ज्यादा किसानों को 15.77 करोड़ के नुकसान का आकलन किया गया है। हालांकि किसानों की क्षति इससे कई गुना अधिक होने का अनुमान है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने आपदा राहत मद से धनराशि की डिमांड कर ली है, जिसके मिलने के बाद बाढ़-कटान प्रभावित किसानों समेत अन्य पीड़ितों को अनुदान बांटा जाएगा।
शासन को भेजी रिपोर्ट में 200 गांवों को बाढ़-कटान से प्रभावित होना बताया गया है, जिससे एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। लघु-सीमांत किसानों की फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 12 करोड़ 76 लाख 59 हजार रुपये की डिमांड की गई है, जबकि बड़े किसानों को एक करोड़ 27 लाख 87 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा जिन किसानों की जमीन नदी में समा गई है, उन्हें मुआवजा देने के लिए तीन करोड़ 43 हजार रुपये की डिमांड शासन से की गई है। कटान से 10826 हेक्टेयर क्षेत्रफल जमीन नदियों में समा चुकी है। भूमि कटान पीड़ितों को 37,500 रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से आर्थिक मदद मिलेगी, जबकि जमीनों के बाजार रेट इससे कई गुना अधिक हैं। मकानों को हुई क्षति के लिए 22.71 लाख रुपये की डिमांड की गई है। बाढ़ के दौरान पांच लोगों की मौत भी हुई है, जिनके परिजनों को आर्थिक मदद के लिए 20 लाख की डिमांड की गई है। सार्वजनिक संपत्तियों को 8.82 करोड़ से अधिक नुकसान हुआ है। राशन किट समेत अन्य दी जाने वाली सहायता के 3.37 करोड़ की डिमांड की गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए 7.86 लाख रुपये मांगे हैं।
बाढ़-कटान से फसलों समेत अन्य नुकसान का आकलन करके रिपोर्ट शासन को भेजकर धनराशि की डिमांड कर ली है। भूमि कटान के लिए शासकीय दरों के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा।
शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम