डीएम किंजल सिंह ने सोमवार को कलक्ट्रेट के दफ्तरों का अचानक निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण के दौरान अफरातफरी का माहौल रहा। डीएम दफ्तरों में गंदगी देख खफा हो गईं और इसके लिए नाजिर देवेन्द्र अग्निहोत्री को हटा दिया। इसके अलावा कर्मचारी कल्याण निगम की कैंटीन में रेट लिस्ट न देख डीएम भड़क गईं। उन्होंने इसकी जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंकित अग्रवाल और वरिष्ठ कोषाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को सौंप दी और कहा कि जांच के दौरान कैंटीन दो दिन बंद रहेगी।
डीएम ने निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर इसे आदर्श कलक्ट्रेट बनाने का संकल्प ले। इसके लिए उन्होंने दफ्तरों से कैलेंडरों को हटवाने, अलमारियों पर नंबरिंग कराने, पर्दे लगवाने, टूटी कुर्सियों को तत्काल हटवाने और जनता के बैठने के लिए वेटिंग चेयर भी डलवाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी कार्यालयों में एक नोटिस बोर्ड भी लगवाया जाए। डीएम ने अपने संयुक्त कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी प्रेम कुमार श्रीवास्तव को निर्देशित किया कि वह कार्यालय में कार्यरत लिपिकों की टेबिल नंबरिंग कराने के साथ एक बोर्ड बनवाएं, जिस पर लिपिक का नाम, टेबिल संख्या और काम का उल्लेख हो। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के दफ्तर के जर्जर भवन और गंदगी देख इसे अंयत्र शिफ्ट कराने का निर्देश दिया।